बलरामपुर : जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार द्वारा गत 16 अप्रैल को किए गए स्कूलों के औचक निरीक्षण में कई विद्यालय बंद मिले हैं। साथ ही कई स्कूलों में शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के गायब मिले। इसी के आधार पर बीएसए ने 18 शिक्षकों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। बीएसए के निरीक्षण में तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मनपुर, दयालीपुर व मतईडीह बंद पाया गया। इस पर बीएसए ने इस स्कूलों में तैनात शिक्षक सुष्मिता, श्यामबाबू, जितेंद्र कुमार, चंद्रकांत, रामविलास व रिफातुल्ला का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया है। इसके गैंसड़ी शिक्षा क्षेत्र के औचक निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय विलोहा बनकसिया के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद वर्मा, राम प्रताप वर्मा, उच्च प्राथमिक विद्यालय विलोहा बनकसिया के राम कृष्ण यादव व अनुज कुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय विलोहा में सत्यदेव प्रसाद व राधेश्याम, प्राथमिक विद्यालय रतनपुर में अंजू, प्राथमिक विद्यालय चौहत्तर खुर्द में सहायक अध्यापक मनोज कुमार व राधेश्याम, उच्च प्राथमिक विद्यालय भदुवाशंकर नगर में चंद्रभान एवं प्राथमिक विद्यालय महादेव शिवपुर में तैनात रवींद्र ओझा व शमीम अहमद स्कूल से नदारद मिले। कहीं शिक्षा मित्र बच्चों को पढ़ा रही थीं तो कहीं अनुदेशक। कुछ स्कूलों में उपस्थिति व मध्याह्न भोजन का रजिस्टर भी शिक्षक के पास ही होने का मामला भी सामने आया। इस पर बीएसए ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसकी जांच संबंधित क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। बीएसए ने संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर शिक्षकों को निलंबित करने की चेतावनी भी दी है।
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- समय से पहले ही बंद हो जाते हैं स्कूल
परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अवधि से पहले ही स्कूल बंद कर गायब हो जाते हैं। सोमवार को बलरामपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर में तैनात प्रधानाध्यापक रज्जन लाल दोपहर साढ़े 12 बजे ही विद्यालय बंद करते मिले। स्कूल में तैनात शिक्षक नीलम देवी व निर्मला कुमारी पहले ही घर जा चुकी थीं। स्कूल में कोई भी बच्चा उपस्थित नहीं था। प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चों की संख्या कम होने के चलते आज उन्हें समय से पहले छोड़ दिया गया है।