स्कूल में किताबें बेचीं तो खैर नहीं
जासं, इलाहाबाद : कान्वेंट स्कूलों की फीस, किताब व ड्रेस के मूल्य बढोत्तरी पर प्रशासन सख्त हो गया है। कांवेंट स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए है कि किसी स्कूल द्वारा किताब बेचे जाने की सूचना प्राप्त होने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस मुद्दे को लेकर एडीएम सिटी ने कान्वेंट स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्यो की बैठक ली। संगम सभागार में बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम सिटी गंगाराम गुप्ता ने कहा कि स्कूल प्रबंधतंत्र अभिभावक पर किताब व ड्रेस लेने का दवाब न बनाए। उनकी जहां पर इच्छा हो वही से खरीदने दें। अभिभावक को फीस की रसीद दी जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील किया कि किसी भी कान्वेंट स्कूल द्वारा ड्रेस व किताब खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है तो वह गोपनीय तरीके से प्रशासन को सूचना दे सकते हैं। संबंधित अभिभावक का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
गौरतलब है कि 'दैनिक जागरण' ने 'दाखिला एक बार एडमीशन फीस बार बार' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उस खबर में अभिभावकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। इसे संज्ञान में लेते हुए हरकत में आए प्रशासन ने आनन-फानन में कान्वेंट स्कूल के प्रबंधकों की बैठक आहूत कर उक्त निर्देश दिए हैं। इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार, नगर खंड शिक्षा अधिकारी ज्योति शुक्ला के अलावा सेंट जोसेफ कालेज, सिंधु विद्या मंदिर, किडी जूनियर हाईस्कूल, मदर्स प्राइड स्कूल, स्पिंगर स्कूल और समस्त केंद्रीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
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पुतला दहन कर दर्ज कराया विरोध
जासं, इलाहाबाद : कांवेंट स्कूलों में बढ़ी फीस के विरोध में अभिभावक एकता समिति के पदाधिकारियों ने पुतला फूंक कर शिक्षा के मंदिर का व्यवसायीकरण बंद करने की मांग की।
सुभाष चौराहा पर जुटे अभिभावकों ने कहा कि कान्वेंट स्कूल प्रशासन किताब, फीस, ड्रेस व किराया बढ़ाकर अभिभावकों का शोषण कर रहा है। बावजूद प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। इससे अभिभावकों में आक्रोश है। पुतला दहन करने वालों में शोभलाल तिवारी, मालती केसरवानी, निशा अग्रहरि अतुल तिवारी, सुनील अग्रहरि, विकास अग्रहरि, मोहम्मद जुल्फकार, शिवम कुमार व दीपक मिश्रा शामिल रहे।
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मनमानी पर लगाम लगाने की मांग
इलाहाबाद : भारतीय जनता पार्टी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के संयोजक संजीव सिंह ने अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों पर लगाम लगाने की मांग जिलाधिकारी से की है। उन्होंने बताया कि कान्वेंट स्कूल प्रशासन मनमाने तरीके से अभिभावकों से किताब, ड्रेस व वाहन किराए के नाम पर उनका आर्थिक शोषण कर रहा है। इससे अभिभावक मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हैं।