मैनपुरी : बालिकाओं की शिक्षा को कस्तूरबा की व्यवस्था का बखान
मैनपुरी, भोगांव: कमजोर वर्ग की बालिकाओं को शिक्षित कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकारी प्रयासों को जनसहयोग की आवश्यकता है। बालिकाओं के निरक्षर रहने पर समाज उन्नति के रास्ते पर गतिमान नहीं हो सकता। वर्तमान में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए चल रहे कस्तूरबा आवासीय स्कूलों में मिल रहीं व्यवस्थाओं के बखान की जरूरत है।
यह विचार जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ब्रजेश कुमार शाक्य ने डायट परिसर में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को आयोजित अभिप्रेरणा शिविर में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा के लिए अभिभावकों में जागरूकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। समाज के कमजोर तबके की बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली तमाम दुश्वारियों को दूर करने के उद्देश्य से ही इन स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने कहा कि बार अधिकारों की संरक्षा के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास करता है।
बालिकाओं की कम उम्र में शादी करना कानून अपराध है। अभिप्रेरणा शिविर में कक्षा 6 में 35 बालिकाओं के चयन के लिए उनके अभिभावकों की मौजूदगी में सवाल किए गए और अभिभावकों को कस्तूरबा स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। छात्राओं व दिव्यांग छात्र किशन पाल, विक्रांत ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर धमाल मचाया। विद्यालय की वार्डन सुधा यादव ने अभिप्रेरणा शिविर के उद्देश्य और विस्तृत कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डायट प्राचार्य शैलेंद्र ¨सह वर्मा, बीईओ सर्वेश यादव, डीसी समेकित शिक्षा रणधीर बहादुर ¨सह, आरेंद्र चौहान, साधना चन्देल, नवीन प्रताप ¨सह, पूनम यादव, एबीआरसी राकेश चतुर्वेदी, नीलम भदौरिया, कंचन मिश्रा, इमरान जावेद, आलोक ¨सह, राहुल दुवे, आशीष चौहान, सुजीत कुमार, अंजू यादव आदि मौजूद थे।