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फिरोजाबाद : शिक्षिकाएं बोलीं, साहब हमारे पति नपुंसक हैं मामला बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा

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फिरोजाबाद : शिक्षिकाएं बोलीं, साहब हमारे पति नपुंसक हैं मामला बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा

फिरोजाबाद, अमित उपाध्याय । सात फेरों का बंधन तो सात जन्मों तक अटूट माना जाता है। इस अटूट बंधन को सात वचनों से बांधा जाता है। चाहे सुख हो या दुख, हर हाल में एक दूसरे का साथ निभाने का वादा लेकिन सुहागनगरी की तीन शिक्षिकाएं ऐसी हैं जिन्होंने आपसी विवाद के चलते अपनी पत्रावलियों से पति का नामिनी से नाम हटवाने के लिए उनको नपुंसक करार दे दिया है। हालांकि उनके इन प्रार्थना पत्र पर अभीतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामला बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा है। जनपद के विभिन्न स्कूलों में तैनात तीन अलग अलग शिक्षिकाओं ने शिक्षाधिकारी को अपने प्रार्थना पत्र थमाए तो वे चकरा गए। प्रार्थना पत्रों में लिखा गया था कि उनके पति के साथ संबंध ठीक नहीं हैं। वे उनके सुख और दुख के साथी बनने के लायक नहीं हैं। 

इतना ही नहीं पति नपुंसक भी हैं। इसलिए उनके नाम को विभाग की पत्रावलियों से हटाया जाए। अगर वे नामिनी रहेंगे तो उनको भविष्य में दिक्कतें आएंगीं। तीन ऐसे प्रार्थना पत्रों को देखकर शिक्षाधिकारी ने शिक्षिकाओं को समझाने का प्रयास किया कि उनके परिवार की बदनामी होगी, उनकी भी बदनामी होगी, इस तरह के प्रार्थना पत्र अगर कार्यालय में कार्रवाई के लिए दिए जाएंगे तो उनका नाम भी सार्वजनिक हो जाएगा। फिलहाल तीनों ही मामलों में शिक्षिकाओं को सोच विचार का समय दिया गया है लेकिन यह समाज में पति और पत्नी के अटूट बंधन के बीच आपसी झगड़ों, संबंधों में आई खटास का कारण माना जा रहा है।  

पति पीटता है, नामिनी मत बनाओ

फिरोजाबाद। शिक्षाधिकारी के पास ऐसे प्रार्थना पत्र भी आए हैं जिनमें शिक्षिकाओं द्वारा कहा जा रहा है कि उनका पति उनको आए दिन पीटता है। इसलिए अभिलेखों से नामिनी का नाम हटा दिया जाय। अगर ऐसा होता है तो उनके सारे ड्यूज पति को नहीं मिल पाएंगे और वह हमेशा पत्नी की कद्र करेगा। इन शिक्षिकाओं को भी फिलहाल अपने इस कदम को लेकर सोच विचार करने का समय दिया है ताकि दांपत्य जीवन में उनको कोई दिक्कत नहीं आए।

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