लखनऊ : डीएम साहब ने बच्चों के साथ खाया मिड-डे मील का खाना
लखनऊ । आपका का क्या नाम है, हमसे दोस्ती करोगे.. स्कूल में अच्छा लगता है....आपका बर्थ डे किस दिन होता है..स्कूल में रोज खाना मिलता है... शनिवार को जिलाधिकारी राजशेखर गौरैया सरंक्षण का संदेश देने प्राथमिक स्कूल मलौली के बच्चों के बीच पहुंचे तो उनमें घुलमिल गए। बच्चों से बातचीत करते हुए डीएम ने पूछा कि आप लोगों का भूख लगी है। बच्चों ने हिचकिचाते हुए सिर हिलाया। इस पर डीएम भी उनके साथ ही पत्तल में खाना खाने के लिए जमीन पर बैठ गए।
खाने के दौरान डीएम ने बच्चों से कई सवाल किए। अगल बगल बैठे बच्चों के नाम पूछते हुए कहा कि आप लोग दोस्त हो एक दूसरे के पड़ोस में रहते हो, हमसे दोस्ती करोगे। दाल व चावल परोसे जाने के बाद अंगूर और केले व मिठाई डीएम के सामने रखी गई तो वह बच्चों को खुद ही परोसने लगे।
पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी सभी पर1पर्यावरण, शिक्षा व गौरैया के प्रति लोगों में साकारात्मक सोच पैदा करें यह हम सबका काम है। बदलता परिवेश पक्षियों के साथ ही हम लोगों के लिए खतरे का संकेत है। जिलाधिकारी राजशेखर ने गोरैया को बचाने के लिए लोगों को शपथ दिलाते हुए कहा कि प्रदेश में छोटी सी गौरैया को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ा अभियान चलाया है। इस दिशा में आइकेयर पंडिया संस्था के कार्यों की सराहना करते हुये कहा कि उक्त कार्य में सभी की भागीदारी होनी चाहिये। जिलाधिकारी ने हर किसी से कहा कि वह गौरैया ही नहीं बल्कि अन्य विलुप्त होते पक्षियों को संरक्षण व बढ़ावा देने का काम करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में लोगों की साकारात्मक सोच केनतीजे सामने आएंगे। पूर्व मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता व लखनऊ विवि के अनिल सिंह ने पर्यावरण व गौरैया को बचाने पर जोर दिया।
लगातार घट रही गोरैया
डीएफओ श्रद्धा यादव ने कहा कि गौरैया की संख्या 60 से 70 प्रतिशत तक घट चुकी है। इसका कारण इनको खाना पानी व घोंसले रखने की जगह की कमी है। उन्होंने कहा कि घटते खेतों से इनके खाने पर पटते तालाबों से पानी पर व मोबाइल टावरों से इनके प्रजनन व्यवहार पर प्रभाव पड़ा है। कार्यक्रम में एसडीएम राजकमल यादव के अलावा कई अधिकारी व प्रधान मौजूद रहे।
स्कूलों में सजेगी फुलवारी
मुख्य विकास अधिकारी उमेश मिश्र ने कहा कि हर स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र के प्रांगण में दो महीने में क्यारी नजर आने लगेंगी। इनमें फूल लगे होंगे। उन्होंने मलौली गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान कुपोषित बच्चों की जानकारी हासिल की। शनिवार को केंद्र में हलुआ बना था। बच्चों ने कहा कि उनको बिस्कुट भी दिये जाते हैं।