एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग
की समस्त सूचनाएं एक साथ

"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

जनपदवार खबरें पढ़ें

जनपदवार खबरें लखनऊ महराजगंज इलाहाबाद प्रयागराज गोरखपुर उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर फतेहपुर गोण्डा कुशीनगर बदायूं सीतापुर बलरामपुर संतकबीरनगर देवरिया बस्ती रायबरेली बाराबंकी फर्रुखाबाद वाराणसी हरदोई उन्नाव सुल्तानपुर पीलीभीत अमेठी अम्बेडकरनगर सोनभद्र बलिया हाथरस श्रावस्ती सहारनपुर बहराइच मुरादाबाद कानपुर जौनपुर अमरोहा लखीमपुर खीरी मथुरा फिरोजाबाद रामपुर गाजीपुर बिजनौर शाहजहांपुर बागपत बांदा प्रतापगढ़ मिर्जापुर जालौन चित्रकूट कासगंज ललितपुर मुजफ्फरनगर अयोध्या चंदौली गाजियाबाद हमीरपुर महोबा झांसी अलीगढ़ गौतमबुद्धनगर संभल हापुड़ पडरौना बुलंदशहर देवीपाटन फरीदाबाद

Search Your City

आगरा : शासन द्वारा विद्यालय खुलने के दिन को सफाई कर्मचारियों को होना चाहिए बिशेष निर्देश जिससे गंदगी के बीच स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे विद्यार्थी

0 comments

शासन द्वारा विद्यालय खुलने के दिन को सफाई कर्मचारियों को होना  चाहिए बिशेष निर्देश  जिससे गंदगी के बीच स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे विद्यार्थी

परिषदीय बेसिक स्कूलों में साफ-सफाई नहीं कराई, दो जुलाई से खुलेंगे

650 स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं, 499 में हैंडपंप खराब पड़े हैं
परिषदीय बेसिक स्कूल दो जुलाई से खुल रहे हैं। चार जुलाई को विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ताजे मौसमी फल बांटे जाएंगे। बुधवार को दूध भी दिया जाएगा। विद्यार्थी स्वस्थ कैसे होंगे, स्कूल प्रांगण की दशा खराब है। अधिकतर विद्यालय प्रांगणों में गर्मी की छुट्टी में सफाई नहीं की गई है। गंदगी का अंबार है। विद्यालय में शौचालय और पेयजल तक की सुविधाएं नहीं हैं।  
  बेसिक शिक्षा विभाग के शैक्षणिक सत्र 2015-16 के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 2046 प्राथमिक और 848 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। 446 प्राथमिक और 206 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पेयजल की सुविधा नहीं हैं। 346 प्राथमिक और 153 विद्यालयों हैंडपंप हैं, पर खराब हैं। शौचालय तक की सुविधा स्कूलों में नहीं है। प्राथमिक विद्यालयों की बात करें तो 126 में बालकों और 127 में बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं है। 210 शौचालयों में दरवाजे नहीं हैं। 52 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालक और बालिका दोनों के लिए शौचालय नहीं है। 127 में दरवाजे नहीं हैं। 
  अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में बिजली कनेक्शन तक नहीं हैं। पंखे की बात तो दूर रही। नगर में संचालित अधिकतर विद्यालय भवनों की दशा ठीक नहीं है। खासतौर पर किराए के भवनों में संचालित विद्यालयों की। राधा नगर, बल्केश्वर में एक टिन शेड के कमरे में विद्यालय चलता था। दो जुलाई को स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों को यह भी नहीं मिलेगा, स्कूल का गेट और कमरा दोनों तोड़ दिया गया है।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

महत्वपूर्ण सूचना...


बेसिक शिक्षा परिषद के शासनादेश, सूचनाएँ, आदेश निर्देश तथा सभी समाचार एक साथ एक जगह...
सादर नमस्कार साथियों, सभी पाठकगण ध्यान दें इस ब्लॉग साईट पर मौजूद समस्त सामग्री Google Search, सोशल नेटवर्किंग साइट्स (व्हा्ट्सऐप, टेलीग्राम एवं फेसबुक) से भी लिया गया है। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए आप स्वयं अपने मत का उपयोग करते हुए खबर की पुष्टि करें, उसकी पुरी जिम्मेदारी आपकी होगी। इस ब्लाग पर सम्बन्धित सामग्री की किसी भी ख़बर एवं जानकारी के तथ्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी एवं समस्या पाए जाने पर ब्लाग एडमिन /लेखक कहीं से भी दोषी अथवा जिम्मेदार नहीं होंगे, सादर धन्यवाद।