भारी स्कूली बैग के मामले में डीएम व बीएसए के खिलाफ वाद दाखिल
महराजगंज : बच्चों के स्कूली बैग के वजन को कम करने के लिए नगर पालिका परिषद महराजगंज के इंदिरा नगर निव
महराजगंज : बच्चों के स्कूली बैग के वजन को कम करने के लिए नगर पालिका परिषद महराजगंज के इंदिरा नगर निवासी व अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शुक्रवार को जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ बेसिक शिक्षा अधिकार वाद दाखिल किया है। इसमें अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में दाखिल वाद में अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए लिखा है कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग एवं स्कूल चिल्ड्रेन बैग एक्ट 2006 के मुताबिक किसी भी स्कूल जाने वाले बच्चे के बैग का वजन उस बच्चे के वजन का दस फीसद ही होना चाहिए। किन्तु इस नियम को तार-तार करते हुए स्कूलों के प्रबंधतंत्र ने बस्ते का वजन बढ़ा दी है। अब दस साल का बच्चा मजबूरी में 12 किलो के स्कूली बस्ते को ढो रहा है और उसे गर्दन व पीठ पर लादकर स्कूल जा रहा है। इस भारी बस्तों के वजह से स्कूली बच्चों के शरीर में कई तरह की हड्डियों की बीमारी पनपने लगी है। स्पाइनल कार्ड का टेढ़ा होना, गर्दन व कंधे में दर्द होना, पैर में दर्द, पसलियों में दर्द होने से उनके चलने की पोजीशन में भी परिवर्तन हो रहा है। इससे हर बच्चे का शारीरिक विकास प्रभावित होने की आशंका बढ़ती जा रही है। अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय कहते हैं कि बस्ते के बोझ तले दबे बचपन को निजात दिलाने के लिए ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में डीएम व बीएसए के खिलाफ वाद दाखिल किया। विधिक सेवा प्राधिकरण ने उनके वाद को स्वीकार करते हुए सुनवाई की तिथि 29 अगस्त तय की है।