एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग
की समस्त सूचनाएं एक साथ

"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

जनपदवार खबरें पढ़ें

जनपदवार खबरें लखनऊ महराजगंज इलाहाबाद प्रयागराज गोरखपुर उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर फतेहपुर गोण्डा कुशीनगर बदायूं सीतापुर बलरामपुर संतकबीरनगर देवरिया बस्ती रायबरेली बाराबंकी फर्रुखाबाद वाराणसी हरदोई उन्नाव सुल्तानपुर पीलीभीत अमेठी अम्बेडकरनगर सोनभद्र बलिया हाथरस श्रावस्ती सहारनपुर बहराइच मुरादाबाद कानपुर जौनपुर अमरोहा लखीमपुर खीरी मथुरा फिरोजाबाद रामपुर गाजीपुर बिजनौर शाहजहांपुर बागपत बांदा प्रतापगढ़ मिर्जापुर जालौन चित्रकूट कासगंज ललितपुर मुजफ्फरनगर अयोध्या चंदौली गाजियाबाद हमीरपुर महोबा झांसी अलीगढ़ गौतमबुद्धनगर संभल हापुड़ पडरौना बुलंदशहर देवीपाटन फरीदाबाद

Search Your City

मेरठ : अध्यापको से पूरे वर्ष कराएँगे भोजन ,गैरशैक्षणिक कार्य्,और अन्य दूसरे विभागों के कार्य् और फिर ये इल्जाम आठवीं के बच्चे नहीं लिख सके गर्ल की स्पेलिंग, डीएम ताज्जुब में

0 comments

आठवीं के बच्चे नहीं लिख सके गर्ल की स्पेलिंग, डीएम ताज्जुब में

    

दौराला ब्लॉक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चे जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी के एजुकेशन क्वालिटी चेक में फेल हो गए। हौसला पोषण योजना की शुरुआत के दौरान डीएम ने जब दौराला के उलखपुर गांव के स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्रों का टेस्ट लिया तो अजीब नजारा देखने को मिला। बच्चे डीएम के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे सके। बच्चों द्वारा जवाब नहीं दे पाने पर शिक्षक-शिक्षिकाएं भी हक्का-बक्का रह गए और डीएम की ओर सहमी नजर से देखने लगे।

डीएम ने गांव उलखपुर के पूर्व माध्यमिक स्कूल में बच्चों से मुलाकात करके मास्टरजी से स्कूल के बारे में जानकारी की। उपस्थिति रजिस्टर देखकर पता चला कि क्लास आठवीं की है तो क्यों न बच्चों का टेस्ट हो जाए। डीएम सर ने भी देरी नहीं की। उन्होंने बारी-बारी से छात्र-छात्राओं से सवाल पूछने का सिलसिला शुरू किया। सवालों के जवाब नहीं मिलने पर स्कूल में थोड़ी देर के लिए सबके हाथ-पांव फूल गए।

डीएम ‘सर’ के प्रश्न
डीएम जगतराज त्रिपाठी ने आठवीं क्लास की छात्राओं से अग्रेंजी में गर्ल लिखने को बोला तो सभी ने गर्दन हिलाकर जवाब दिया ‘नहीं आता लिखना’। इसके बाद डीएम ने छात्रा को ब्लैकबोर्ड पर बुलाकर चार से 10 को भाग करने के लिए क। लेकिन छात्रा ने अलग अंदाज में भाग देकर डीएम सर को चौंका दिया। डीएम सर के दो सवालों के जवाब न देने के बाद भी उनके सवालों का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने इसके बाद छात्र-छात्राओं से दशमलव 2 लिखने के लिए कहा, लेकिन यहां भी बच्चों की गर्दन नहीं में ही हिली। इतने सरल जवाबों का जवाब न देने के बाद डीएम सर ने वहां पढ़ा रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं से इसका जवाब तलब किया। उन्होंने अध्यापकों से कड़ी नाराजगी जताते हुए बच्चों की शिक्षा में एक महीने के अंदर सुधार लाने के निर्देश दिए। 

शिक्षक बोले- घबरा गए बच्चे
डीएम सर ने आठवीं क्लास के छात्र-छात्राओं से सरल सवाल किए, लेकिन इन सवालों में भी वह उलझ गए। वहीं, स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपना बचाव करते हुए डीएम सर से बच्चों के घबरा जाने का बहाना बनाते हुए मामले को दबाने का प्रयास किया। रियल्टी चेक में कुछ ओर भी सवाल उठे। यहां तक कि स्कूल में अभी तक बच्चे पुरानी किताबों से ही पढ़ रहे हैं। नए सत्र में नई किताबें बच्चों को उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

महत्वपूर्ण सूचना...


बेसिक शिक्षा परिषद के शासनादेश, सूचनाएँ, आदेश निर्देश तथा सभी समाचार एक साथ एक जगह...
सादर नमस्कार साथियों, सभी पाठकगण ध्यान दें इस ब्लॉग साईट पर मौजूद समस्त सामग्री Google Search, सोशल नेटवर्किंग साइट्स (व्हा्ट्सऐप, टेलीग्राम एवं फेसबुक) से भी लिया गया है। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए आप स्वयं अपने मत का उपयोग करते हुए खबर की पुष्टि करें, उसकी पुरी जिम्मेदारी आपकी होगी। इस ब्लाग पर सम्बन्धित सामग्री की किसी भी ख़बर एवं जानकारी के तथ्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी एवं समस्या पाए जाने पर ब्लाग एडमिन /लेखक कहीं से भी दोषी अथवा जिम्मेदार नहीं होंगे, सादर धन्यवाद।