लखीमपुर-खीरी : नवोदय में तीसरी बार फिर हड़ताल, हालात बेकाबू
लखीमपुर-खीरी। मितौली नवोदय के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को फिर से भूख हड़ताल शुरू कर दी। स्कूल के मुख्य गेट के पास बच्चों ने बारिश में भीगते हुए प्रदर्शन किया।
छात्र प्रिसिंपल हटाओं की मांग पर उडे हुए है। सूचना पर सहायक आयुक्त करम चंद, एसडीएम मंशाराम वर्मा, तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, सीओ निष्ठा उपाध्याय, सीतापुर के प्रिसिंपल आर के चैधरी, शाहजहांपुर के प्रिंसिपल एके शुक्ला, हरदोई की प्रिसिंपल डां. सुमन लता द्विवेदी स्कूल पहुंच गए। साथ की सर्किल की थानों की भारी फोर्स मौके पर मौजूद रही।
पूरे दिन कई दौर की वार्ता हुई लेकिन शाम तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। प्रिसिंपल अनीता कुमारी सहित सीतापुर, शाहजहांपुर के प्रिसिंपल व कक्षा 12 के छात्रों ने अपने भविष्य की दुहाई देते हुए हड़ताल समाप्त होने की अपील की लेकिन हडताली छात्र नहीं माने।
प्रिसिंपलों ने हड़ताल के रास्ते को घातक बनाते हुए भविष्य में कैरियर में इसके दुष्प्रभाव की बात कहीं लेकिन छात्र नहीं मानें। तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, सीओ निष्ठा उपाध्याय ने भी समझाया लेकिन वह मामने को तैयार नहीं हुए। काफी प्रयास के बाद कक्षा 12 के छात्रों के दबाव के कारण बच्चें मेन गेट छोड कर मेस जाने की बजाय हास्टलों में चले गए।
बुलाई गई प्राइवेट बसें व फोर्स
बार बार समझाने के बाद भी बच्चें मामने को तैयार नहीं हो रहे थे। इस पर जिम्मेदार लोग झल्ला गए। स्कूल में कई प्राइवेट बसें व सर्किल के थानों की पुलिस बुला ली गई। मंशा थी कि बच्चों को बार भेज कर माहौल को शांत करने का प्रयास होगा। एक बार फिर से बच्चों के साथ वार्ता करने की कोशिश की गई लेकिन वह वार्ता को तैयार ही नहीं हुए। बाद में हरदोई की प्रिसिंपल डां. सुमन लता द्विवेदी ने हास्टल जाकर बच्चों से बात की लेकिन फिर भी बात नहीं बनी। पूरे दिन से भूखे छात्र अपनी जिद पकड़े बैठे हुए है। देर शाम तक एसडीएम मंशाराम वर्मा मामले के निपटारे के लिए भारी फोर्स के साथ लगे रहे।
बीस दिन में तीन बार हड़ताल
20 दिनों के अंदर छात्रों ने मंगलवार को तीसरी बार हड़ताल की। 26 अगस्त को हुई हड़ताल के दौरान प्रिसिंपल अनीता कुमारी को 15 दिनों के लिए हटा कर वाइस प्रिसिंपल डा. आभा शुक्ला को जिम्मेदारी दी गई थी। अभी समय सीमा पूरी भी नहीं हो पाई थी। इसके पहले ही 9 सितम्बर को मामला फिर भड़क गया। जैसे तैसे मामले को शांत कराया गया। विवाद के निपटारे के लिए रविवार को पीटीए की बैठक बुलाई गई। इसी बीच मंगलवार का छात्र फिर से उग्र हो गए।
पहले से जुदा है हड़ताल का तरीका
इस बार छात्र छात्राएं खुलकर सामने आ गए। पहले छात्र सर ढक कर खुद की पहचान छुपाने का प्रसाय करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन इस बार उनमें किसी बात का डर नहीं दिखा। वह बिना हिचक के अधिकारियों ने खुलकर बात कर रहे है। इसके बाद भी वह मीडिया के कैमरों से बचने का प्रयास करते रहे।