मैनपुरी : आधा सत्र बीत गया, 35 फीसद बच्चों को ही मिली ड्रेस, रेडीमेड वर्दी पर है रोक फिर भी नहीं मान रहे गुरुजी, हर बच्चे को मिलनी हैं दो नि:शुल्क वर्दी
मैनपुरी : परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्रओं को छह महीने बाद भी ड्रेस नहीं मिल पाई है। आधा सत्र बीतने के बाद भी बच्चे स्कूल की ड्रेस में विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। विभाग के आकड़ों के हिसाब से विद्यालयों में अभी सिर्फ 35 फीसद बच्चों को ड्रेस मिल सकी है। वह भी रेडीमेड खरीदकर बंटवा दी गई हैं।
जिले में 2142 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में 1.53 लाख छात्र-छात्रएं अध्ययनरत है। प्रत्येक छात्र-छात्र को दो ड्रेस बांटने के लिए शासन ने 400 रुपये धनराशि निर्धारित की है। जिसमें पहली किस्त के रूप में 75 फीसद धनराशि यानि 300 रुपये प्रति छात्र की दर से विभाग को उपलब्ध करा दिए थे। विभाग ने भी अगस्त में ही यह धनराशि विद्यालय समिति को स्थानांतरित कर दी थी।
इस बार शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि प्रत्येक बच्चे की ड्रेस का नाप विद्यालय में पहुंच कर दर्जी लेंगे। उसके बाद ही ड्रेस सिली जाएगी। लेकिन गुरुजी ने ऐसा नहीं कराया है। ज्यादातर विद्यालयों में वहीं पुराने र्ढे पर रेडीमेड ड्रेस बेचने वाले ठेकेदारों के हाथों में कमान सौंप दी गई है। हालात ये हैं कि जिले में अभी तक 35 फीसद ड्रेस का वितरण हो सका है। जबकि इसका वितरण 30 सितंबर तक होना चाहिए था।
‘सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह एक सप्ताह के अंदर ड्रेस का वितरण कराकर उपभोग प्रमाण पत्र दें ताकि बची हुई 25 फीसद धनराशि की डिमांड भेजी जा सके। जो विद्यालय एक सप्ताह में ड्रेस का वितरण नहीं करेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
-रामकरन यादव, बीएसए, मैनपुरी
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