आगरा : बीटीसी की काउंसिलिंग निरस्त होने से अभ्यर्थी दुविधा, एडमिशन नहीं मिला तो जाएंगे कोर्ट
जागरण संवाददाता, आगरा: बीटीसी की काउंसिलिंग निरस्त होने से अभ्यर्थी दुविधा में हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि वो क्या करें। 10 अक्टूबर को दोबारा जारी होने वाली कट ऑफ में उनका नाम नहीं आया तो वो क्या करेंगे। कहीं ऐसा न हो कि उनके हाथ से दूसरे जिलों में अवसर भी निकल जाएं।
बीटीसी 2015 एडमिशन प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने के बाद काउंसिलिंग को निरस्त कर दिया गया है। छह हजार ड्राफ्टों की फीडिंग कराकर दोबारा से कट ऑफ जारी करने के लिए काम चल रहा है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 10 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। ऐसे में अब अभ्यर्थी परेशान हैं। बहुत से अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनका अपने गृह जनपद में ही निजी कॉलेज में एडमिशन हो रहा है, लेकिन उनका ड्राफ्ट यहां जमा था। ड्राफ्ट वापस लेने के लिए वो डायट के चक्कर काट रहे थे। ऐसे में अब प्रक्रिया स्थगित होने से वो परेशान हैं। इतना ही नहीं दो निजी कॉलेजों को अल्पसंख्यक मान्यता मिलने के बाद 100 सीटें कम हो जाने से मेरिट हाई हो जाएगी। ऐसे में 100 अभ्यर्थियों की दूसरे जिलों में एडमिशन मिलने का अवसर भी उनसे दूर होता जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि डायट प्रशासन की गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पडे़गा। अगर प्रक्रिया में पारदर्शिता होती तो उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
एडमिशन नहीं मिला तो जाएंगे कोर्ट
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर उन्हें एडमिशन नहीं मिला इसकी जिम्मेदार डायट प्रशासन होगा। अगर जरूरत पड़ी तो वो हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
📌 आगरा : बीटीसी की काउंसिलिंग निरस्त होने से अभ्यर्थी दुविधा, एडमिशन नहीं मिला तो जाएंगे कोर्ट
जवाब देंहटाएं👉 http://www.primarykamaster.net/2016/10/blog-post_2.html