अलीगढ़ : मृतक के परिजन को मिले नौकरी और एक करोड़ मुआवजा, मांगों को लेकर लखनऊ में कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी
अलीगढ़। लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों में पर पुलिसिया बर्बरता में एक शिक्षक की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा शिक्षक बुरी तरह से घायल हो गए। इसको लेकर आक्रोशित जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से शुक्रवार को डीएम के माध्मय से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा की मांग की।
नेतृत्व करते हुए अध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि सात दिसंबर को माध्यमिक शिक्षक अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। जिन पर लखनऊ पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठियां चार्ज कीं। जिसमें एक माध्यमिक शिक्षक की मौत हो गई और काफी शिक्षक घायल हो गए। यह काफी निंदनीय घटना है। संगठन इसकी निंदा करता है। उन्होंने मांग की कि मृतक शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए।
चेतावनी दी कि अन्यथा की स्थिति में सगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस मौके पर इन्द्रजीत सिंह, महेश चन्द्र, मोहर सिंह, संजय गुप्ता, अजीत कुमार, राजेन्द्र शर्मा, अशोक पाठक, मालती गौतम आदि उपस्थित रहे।
अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी
अलीगढ़। प्रदेश सरकार के खिलाफ तीन दिनों से लखनऊ में चल रहा राज्य कर्मचारियों का धरना उग्र रूप में आ गया। शुक्रवार को अलीगढ़ समेत पूरे प्रदेश से पहुंचे हजारों कर्मचारियों ने अपने मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। पिछले काफी समय राज्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर मांगें उठा रहे हैं। जिस पर कोई कार्यवाही न होने के कारण सात दिसंबर से लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में अलीगढ़ से महासंघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी सहित सैकड़ों कर्मचारियों ने शिरकत की। शुक्रवार को लखनऊ में प्रदर्शन के बाद सभी ने गिरफ्तारी दी। सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश स्तरीय नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि सरकार ने 19 दिसंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया, तो 20 दिसंबर से मुख्यमंत्री आवास के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।