मेरठ : डिग्री कॉलेज शिक्षकों का चुनाव बहिष्कार का ऐलान
मेरठ। अपने से कम ग्रेड पे के अधिकारियों को सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट बनाने और खुद को पीठासीन अधिकारी बनाने का डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों ने विरोध कर दिया है। मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के शिक्षकों ने इस फैसले का विरोध करते हुए चुनाव आयोग को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों ने ग्रेड पे के अनुसार ड्यूटी नहीं मिलने पर चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। संबंधित जिला प्रशासन का भी शिक्षकों ने अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है।
मामला चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध 50 एडेड और 16 राजकीय सहित कुल 66 कॉलेजों के करीब एक हजार शिक्षकों का है। कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर से प्रोफेसर और प्राचार्य पद का ग्रेड पे क्रमश: छह हजार से दस हजार तक है। शिक्षक नेता डॉ.विकास शर्मा के अनुसार सभी जिलों में जो अधिकारी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट बनाए हैं उनका ग्रेड पे छह हजार रुपये से कम है, लेकिन अधिक ग्रेड पे वाले डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। डॉ.शर्मा के अनुसार प्रशासन ने महिला शिक्षकों को मतदान अधिकारी प्रथम और द्वितीय तक बनाया है जबकि इलाहाबाद और पंजाब हाईकोर्ट दोनों ही ग्रेड पे के अनुसार चुनाव ड्यूटी लगाने के आदेश दे रखे हैं। यह शिक्षकों का अपमान है। मेरठ सहित सभी शिक्षकों ने चुनाव आयोग को अपनी आपत्ति और हाईकोर्ट के आदेश भेजे हैं। डॉ.विकास के अनुसार यदि ग्रेड पे के अनुसार ड्यूटी नहीं लगी तो दोनों मंडल में डिग्री कॉलेजों के शिक्षक चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।