महराजगंज : स्कूली वाहनों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था को लेकर अभिभावक दुखी, स्कूल प्रबंधन की मनमानी खतरे में बच्चों की जिंदगी
महराजगंज : स्कूली वाहनों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था को लेकर अभिभावक दुखी हैं। बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित रहते हैं। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान न होने से परेशान हैं। जागरण टीम ने गुरुवार को स्कूली वाहनों से बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावकों से बात की तो उनका दर्द उभरकर सामने आया। प्रस्तुत है अभिभावकों की जुबानी, बच्चों की सेहत से खिलवाड़ की कहानी।लोहिया नगर निवासी प्रमोद कुमार राव ने बताया कि बेटा यश प्रताप राव पैरामाउंट स्कूल में कक्षा एक का छात्र है। स्कूल की बस में कभी भी बैठने की जगह नहीं मिलती। बैग लादे गैलरी में खड़े होकर जाता है। इससे आए दिन वह बीमार पड़ जाता है। दुर्गा प्रसाद गुप्त ने बताया कि बेटी वैश्वी गुप्त पं. दीन दयाल इंटर कालेज में पढ़ती है। स्कूली वाहन में बैग रखने की व्यवस्था नहीं है। इससे पीठ पर बैग लादे खड़े होकर स्कूल जाती है और थक जाती है। शचिंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बेटा अनुज विक्रम सिंह सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है। स्कूल बस में सीट से अधिक बच्चों को भरा जाता है। बेटे को अक्सर खड़े होकर जाना पड़ता है। बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चे को तकलीफ होती है। जयराम यादव ने बताया कि बेटा कुलदीप यादव कास्मोपालिटन स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता है। उसे बस में बैठने के लिए कभी जगह नहीं मिलती। स्कूली वाहन में सीट से दो गुना अधिक बच्चे ढोए जा रहे हैं। स्कूली वाहन में बच्चों को चढ़ाने व उतारने के लिए कर्मचारी नहीं हैं। शिकायत भी की पर समस्या का समाधान नहीं हुआ।प्रभाकर सिंह ने बताया कि बेटा अमन सिंह सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता है। स्कूली वाहन में प्रतिदिन खड़े होकर जाता है। स्कूली वाहन में बैग रखने तक की व्यवस्था नहीं है। प्राथमिक उपचार व आग से बचाव के इंतजाम भी नहीं हैं। अर¨वद कुमार वर्मा ने बताया कि बेटी सात्वी वर्मा लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ती है। स्कूली वाहन में बैठने की जगह नहीं मिलती। अक्सर खड़े होकर ही जाती है। इससे वह थक जाती है। हमारी मांग है कि किसी भी स्कूली वाहन में सीट से अधिक बच्चों को न बैठाया जाए। . सचींद्र सिंह . प्रभाकर सिंह . जयराम यादव . प्रमोद राव . दुर्गा प्रसाद .अरविंद वर्मा।