रामपुर : स्कूल में नौनिहालों को अब तक सिर्फ एक बार मिला दूध
शाहबाद (रामपुर)। शासन नौनिहालों के विकास के लिए कितना ही संजीदा और गंभीर हो। लेकिन निचले स्तर पर मनमानी से सरकार की मंशा फेल हो रही है। शाहबाद के नगर क्षेत्र में मिड-डे मील में दूध के वितरण में बड़ा घपला पकड़ा गया है। इससे विभाग में हड़कंप है। आनन-फानन में एनजीओ से जवाब तलब किया गया है। एनजीओ का भुगतान रोकने की तैयारी चल रही है।
शाहबाद नगर क्षेत्र में सात परिषदीय और दो सहायता प्राप्त स्कूल है। इसमें दो जूनियर और सात प्राइमरी विद्यालय शामिल हैं। देहात में ग्राम प्रधान व नगर क्षेत्र के स्कूलों में एनजीओ के माध्यम से मिड-डे मील बांटा जाता है। जुलाई 2015 से सरकार ने हर बुधवार को नौनिहालों को दूध दिए जाने के आदेश जारी किए थे। लेकिन उस वक्त मीनू में दूध के साथ कोफ्ता चावल शामिल थे। कीमत के मसले पर दूध वितरण प्रभावी नहीं हुआ। जिस पर सरकार ने मीनू में संशोधन कर बुधवार को तहरी के साथ दूध कर दिया। इसके बाद जुलाई 2016 से दूध वितरण प्रभावी हुआ। तब से आज तक महज पहले बुधवार को ही स्कूलों को दूध बांटा गया। विभाग भी मामले को दबाए रखा। अब मामला खुला तो विभाग में खलबली मची है। योजना के जिला को-ऑर्डिनेटर ने एनजीओ के खिलाफ जांच बैठा दी है।
विभाग की नजर से कैसे बचा घपला
यह बड़ा सवाल है कि विभाग की नजर से यह घपला कैसे बच गया। जिम्मेदारों का कहना है कि स्कूलों से मिलने वाले मिड-डे मील प्रपत्र से इसका खुलासा हुआ। चार से छह रुपये तक भुगतानदूध के लिए अलग से मूल्य तय न कर उसे मिड-डे मील की कंवर्जन कॉस्ट में शामिल किया गया है। जोकि प्राइमरी विद्यालयों के लिए प्रति बच्चा 4.13 रुपये और जूनियर के लिए 6.18 रुपये तय है।
एनजीओ ने एक ही बार दूध बांटा था। इसकी जानकारी होने पर रिपोर्ट जिला मुख्यालय पर भेजी गई है। अगले सत्र से इस एनजीओ को रिन्यू नहीं किया जाएगा। अक्षयपात्र संस्था का चयन हो गया है।
-सर्वेश कुमार, खण्ड शिक्षा अधिकारी शाहबाद
शाहबाद नगर क्षेत्र में दूध नहीं बांटा जा रहा है। स्कूलों के मिड-डे मील प्रपत्रों से इसकी जानकारी हुई। एनजीओ मेघा सेवा संस्थान को नोटिस दिया गया है। जवाब आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भुगतान रोकने की तैयारी चल रही है।
-राहुल सक्सेना, डीसी मिड-डे मील