सम्भल : परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए चलाई जा रही मिड डे मील योजना सरकार की कसौटी पर, खजाने से थाली तक रखा जाएगा हिसाब
जागरण संवाददाता, सम्भल : परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए चलाई जा रही मिड डे मील योजना सरकार की कसौटी पर है। सरकार इसमें सुधार के लिए व्यापक स्तर पर समीक्षा करने की योजना बना रही है। अगर यह योजना जमीनी स्तर पर लागू होती है तो बच्चों की सेहत में सुधार अवश्य होगा।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मध्याह्न् भोजन योजना को अब पंख लग सकेंगे। अभी तक स्कूल के शिक्षक व ग्राम प्रधान मिलकर गोलमाल करते थे। लगातार मिल रहीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार अब व्यापक स्तर पर इसकी समीक्षा करने की तैयारी में जुट गई है। सरकार के खजाने से लेकर जिलों में पहुंचने के साथ ही बच्चों की थाली तक पहुंचने वाली रकम की प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी। अभी तक यह योजना देश के एक दो राज्यों में ही लागू थी लेकिन अब सरकार पूरे देश में लागू करने की व्यवस्था बना रही है। समीक्षा के दौरान मिड डे मील के हर पहलू पर व स्तर पर विचार किया जाएगा। देखा जाएगा कि सरकार के खजाने से चलने वाला धन बच्चों की थाली तक किस प्रकार पहुंच रहा है।
इन पैमानों पर होगी समीक्षा : रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन व निगरानी की व्यवस्था, स्कूलों में दलित, अल्पसंख्यक छात्र छात्रओं की भागीदारी, परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता किस प्रकार की है। यह सब शिक्षकों को रजिस्ट्रर में दर्ज करना होगा शासन द्वारा इन सबकी प्रतिमाह समीक्षा होगी।