परिषदीय छात्रों में पढ़ाई का हौवा दूर भागेगा
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : परिषदीय विद्यालयों के छात्रों में पढ़ाई का हौवा दूर भगाने के लिए चार्ट, पोस्टर, माडल व प्रोजेक्ट आदि का सहारा लिया जाएगा। शिक्षकों के द्वारा ही शिक्षण अधिगम सामग्री तैयार की जाएगी। इसके लिए हर शिक्षक को शिक्षक अनुदान मद में पांच सौ रुपये दिए जाएंगे। जिले को इस मद में 34 लाख 65 हजार रुपये की ग्रांट मिली है।
पिछले कुछ वर्षों से केवल विज्ञान शिक्षकों के लिए ही शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) तैयार किए जाने को ग्रांट आती थी, लेकिन इस बार आठवीं तक के सभी अध्यापकों के लिए शिक्षक अनुदान आया है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई को बाल केंद्रित, आनंद दायक व सुविधाजनक बनाने के लिए स्वनिर्मित शिक्षण सामग्री को तैयार किए जाने पर विशेष बल दिए जाने के निर्देश दिए गए। सर्व शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक द्वारा भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से ही शिक्षकों द्वारा अपने हाथ से टीएलएम तैयार किया जाए। इसी की सहायता से पाठ योजना बनाकर बच्चों को पाठ्यक्रम पढ़ाया जाए।
ब्लाक स्तर पर मेला व स्टाल लगेगा
शिक्षकों द्वारा तैयार की जाने वाली शिक्षण सामग्री का ब्लाक स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए मेला व स्टाल आदि लगाए जाने की व्यवस्था होगी। सामग्री के निर्माण के लिए जिला समन्वयक प्रशिक्षण द्वारा सभी प्रधानाध्यापकों को विस्तृत निर्देश प्राप्त कराए जाएंगे। शिक्षण सामग्री की सुझावात्मक सूची भी हेडमास्टर को उपलब्ध कराई जाएगी। डायट प्राचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी व न्याय पंचायत समन्वयक सामग्री के प्रभावी उपयोग के लिए विद्यालयों में अनुसमर्थन प्रदान करेंगे।
डेढ़ गुने शिक्षकों का आया अनुदान
समायोजित शिक्षामित्रों व असमायोजित शिक्षामित्र को भी शामिल किया जाए तो भी जिले में लगभग पांच हजार शिक्षक ही कार्यरत हैं, लेकिन सर्व शिक्षा की राज्य परियोजना ने छह हजार 873 शिक्षकों के लिए लगभग 35 लाख रुपये का अनुदान जिले को भेजा है। सर्व शिक्षा के सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी राजीव मिश्रा का कहना है कि शिक्षकों की वास्तविक संख्या के आधार पर ही अनुदान विद्यालयों के एसएमसी खातों में भेजा जाएगा।