लखनऊ : शहर के चार सरकारी प्राइमरी स्कूल होंगे मॉडर्न, जर्जर बिल्डिंगों को गिराकर बनेगी आधुनिक बिल्डिंग, सीएसआर फंड से एक करोड़ रुपये का अनुदान
एनबीटी,लखनऊ : शहर के चार प्राइमरी स्कूल अब जल्द ही मॉडर्न हो जाएंगे। इनकी जर्जर बिल्डिंगों को गिराकर आधुनिक बिल्डिंगों का निर्माण करवाया जाएगा। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के तहत 1 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। अगले माह से इन स्कूलों की बिल्डिंग का निर्माण शुरू हो जाएगा। करीब छह माह में बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने लगेंगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय गहरू जोन-1, प्राथमिक विद्यालय प्रेमवती नगर, प्राथमिक विद्यालय हड़ाइन खेड़ा और प्राथमिक विद्यालय अमौसी-3 की बिल्डिंगों को गिराकर दोबारा निर्माण करावाया जाएगा। जिले में इन स्कूलों की हालत सबसे खराब थी। प्रेमवती नगर प्राथमिक स्कूल किराये के मकान में चल रहा है जिसकी जमीन है पर निर्माण नहीं हुआ है।
प्राथमिक स्कूल अमौसी-3 भी उच्च प्राथमिक विद्यालय के कैंपस में चलता है जबकि अन्य दो स्कूलों में छत नहीं है। सभी स्कूलों को गिराकर दोबारा से निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि हर स्कूल के लिए लगभग 25 लाख रुपये का बजट आवंटित होगा।
कई स्कूलों को दे रहे फर्नीचर : इन चार स्कूलों के अलावा एक अन्य संस्था सीएसआर फंड के तहत शहर के 50 से अधिक स्कूलों में फर्नीचर की मुहैया करा रही है। इससे पहले पिछले साल भी कई स्कूलों को कुर्सी और मेज दी गई थीं। वहीं जनवरी में ग्रीन गैस कंपनी के फंड से शहर के स्कूलों को 834 बेंच अनुदान में दी गई थीं। इसके अलावा भेल ने शहर के सभी 8 कस्तूरबा विद्यालयों में फर्नीचर आदि मुहैया कराने का जिम्मा उठाया है।