लखनऊ : छात्रवृत्ति की नई वेबसाइट अल्पसंख्यक छात्रों के लिए बनी मुसीबत
हिन्दुस्तान टीम, लखनऊ । अल्पसंख्यक छात्रों के लिए केन्द्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना के नए नियमों का सीधा असर आवेदन की संख्या पर पड़ा रहा है। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति की नई वेबसाइट पर आवेदन करने में छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कत आ रही है। ओटीपी, आय प्रमाणपत्र और कुछ संस्थाओं का नाम वेबसाइट पर न दिखने की वजह से अभी तक 2350 के करीब छात्र-छात्राएं ही आवेदन कर सके हैं। जबकि इसकी अंतिम तारीख 30 सितम्बर है। अभिभावकों के मुताबिक इसबार ऑनलाइन आवेदन करने पर मोबाइल पर ओटीपी की व्यवस्था हो गई है। ओटीपी डालने पर ही आवेदन की अगली कार्रवाई होती है। पहले मदरसे या अन्य संस्थान छात्रों से कागज लेकर स्वयं ही आवेदन करा देते थे। अब कक्षा एक से 10 तक के छात्र-छात्राओं के आवेदन के समय उनके अभिभावकों का मौजूद रहना अनिवार्य हो गया है। यही वजह है कि प्री-मैट्रिक में बहुत कम आवेदन आ रहे हैं। कुछ संस्थाओं व मदरसों ने तो अभी तक एक भी आवेदन नहीं किया है। मदरसों के जिम्मेदार बताते हैं कि जुलाई में आवेदन शुरू होने के दौरान पहले आय प्रमाण पत्र की व्यवस्था नहीं थी। अगस्त मध्य में आय प्रमाण पत्र लगाए जाने का फरमान जारी हो गया। इस कारण भी छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। कुछ संस्थाओं के नाम मास्टर डाटा में होने के बावजूद वह वेबसाइट पर प्रदर्शित नहीं हो रहा। इन सब समस्याओं के कारण छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। पिछले वर्ष हुए थे 6000 आवेदन केन्द्र सरकार की छात्रवृत्ति योजना में अल्पसंख्यक छात्रों को राज्य सरकार से अधिक छात्रवृत्ति मिलती है। बीते वर्ष 6000 से अधिक नए आवेदन हुए थे। जबकि इस वर्ष नवीनीकरण और नए मिलाकर यह संख्या ढ़ाई हजार भी नहीं पार कर सकी है। इस बाबत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेन्दु कुमार द्विवेदी ने सभी मदरसों और अल्पसंख्यक संस्थानों को पत्र लिखकर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कराने को कहा है।