लखनऊ : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगा 15 हजार मानदेय, मांग पूरी होने तक किया धरने का एलान
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-लक्ष्मण मेला स्थल पर जुटीं कार्यकर्ता
-मांग पूरी होने तक किया धरने का एलान
जागरण संवाददता, लखनऊ : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 15000 महीने मानदेय देने और राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर एक बार फिर धरना शुरू कर दिया। लक्ष्मण मेला स्थल पर जुटीं कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगाकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान भी किया।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिला इकाई के आह्वान पर राजधानी के सभी ब्लॉकों से आईं कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर सरकार पर मांग पूरी न करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष रामदेवी वर्मा का कहना है कि 2012 से सरकार की ओर से वादा तो किया जा रहा है, लेकिन पूरा नहीं किया जाता। 30 जून को भी मुख्य सचिव से सार्थक वार्ता के बावजूद अभी तक कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बढ़ा मानदेय नहीं मिला। धरने में अंजलि देवी, शशि बाला, प्रबल कांति व मंजू समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुई।
कामगार महिलाओं ने निकाला जुलूस
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) के आह्वान पर घरों में काम करने वाली महिला कामगारों ने विधान भवन से गांधी प्रतिमा तक जुलूस निकालकर 50 रुपये प्रति घंटा मानदेय और सप्ताह में एक दिन अवकाश दिए जाने की मांग की। एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने कहा कि घरेलू काम करने वाली महिलाएं सरकार को नहीं दिखतीं। कामगारों की इस जिंदा आबादी की परेशानियों की ओर कोई ध्यान नहीं देता। घर के काम को समाज का काम नहीं माना जाता, जिसकी वजह से इनका शोषण होता है। एडवा की राष्ट्रीय नेता किरन मोघे न कहा कि जब तक घरेलू कामगारों को मजदूर का दर्जा नहीं मिलेगा और श्रम विभाग में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, तब तक उन्हें अधिकार नहीं मिलेगा और उनका शोषण जारी रहेगा। इससे पहले हाथों में तख्तियां लिए महिलाएं विधान भवन से गांधी प्रतिमा तक जुलूस के रूप में आईं और यहां सभा का आयोजन हुआ। सभा को घरेलू कामगार महिला संगठन की अध्यक्ष रूप रानी, और असंगठित कामगार अधिकार मंच की फूलमती ने मांगें पूरी न होने पर हड़ताल करने की भी चेतावनी दी। सीमा राना के संचालन में आयोजित सभा में दिनेश सिंह, स्मिता पांडेय, सुशीला, प्रेमा, माया, रीना, सुनीता, राधा व नंदिनी समेत कई महिलाएं शामिल हुई।