गोरखपुर : ठंड में अध्यापक की तबीयत बिगड़ी, मौत, उरुवा क्षेत्र के पूर्व मा. विद्यालय नरायणपुर में कार्यरत थे शिक्षक, शिक्षक नेताओं के अनुसार ठंड लगने से हुई है मौत
जागरण संवाददाता, गोरखपुर: उरुवा ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरायणपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत रामप्रताप सिंह की तबीयत मंगलवार को विद्यालय जाते समय बिगड़ गई। जिला अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। शिक्षक नेताओं के अनुसार उनकी मौत ठंड लगने से हुई है।मूल रूप से तहसील रोड सहजनवा के निवासी रामप्रताप सिंह मंगलवार की सुबह नौ बजे विद्यालय जाने के लिए घर से निकले। पिपरौली पहुंचते-पहुंचते उन्हें असहनीय ठंड लगने लगी, जिससे वह वापस घर आ गए और परिजनों से सीने में दर्द होने की बात कही। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस से उन्हें लेकर परिजन गोरखपुर जा रहे थे कि रास्ते में ही मौत हो गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामसागर पति त्रिपाठी ने शिक्षक के निधन पर शोक जताया है।
जान जोखिम में डाल कर ड्यूटी कर रहे शिक्षक
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र ओझा का कहना है कि कड़ाके की ठंड में भी शिक्षकों का विद्यालय जाना अनिवार्य किया गया है। वे जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। एक शिक्षक की ठंड लगने से मौत हो गई। प्रशासन के रवैए से शिक्षकों में काफी आक्रोश है। अन्य सरकारी कर्मचारियों से शिक्षकों की तुलना की जाती है जबकि विद्यालय पूरी तरह से खुले एवं हवादार बनाए जाते हैं। अन्य कर्मचारी बंद कमरों में काम करते हैं। विद्यालय में इस कड़ाके की ठंड में समय बिताना काफी कष्टप्रद होता है। उन्होंने विद्यालय पूरी तरह से बंद करने की मांग की।