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गोण्डा : स्कूल में नहीं शिक्षक, बच्चों की पढ़ाई बाधित

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गोण्डा : स्कूल में नहीं शिक्षक, बच्चों की पढ़ाई बाधित

संसू, कर्नलगंज (गोंडा) : उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरेअंगद में शिक्षारत 65 बच्चों का भविष्य अधर में है। स्कूल भवन में एक भी खिड़की-दरवाजे नहीं हैं। कमरे का फर्श जगह-जगह टूट चुकी है। बरामदा फर्श विहीन है। बच्चों के बैठने के लिए डेस्क बेंच तो दूर टाटपट्टी तक नहीं है। साथ ही शिक्षक के बैठने के लिए कुर्सी मेज व अभिलेख रखने का कोई सुरक्षित स्थान भी नहीं है।1यहां प्रधानाध्यापक हरिनरायन राव की तैनाती है। उन्हें एनपीआरसी की भी जिम्मेदारी दी गई। गांव निवासी फूलचंद विश्वकर्मा, जगदीश प्रसाद, बराती लाल एवं बालकराम यादव कहते हैं कि प्रधानाध्यापक महीने में एक बार भी नहीं आते हैं। स्कूल में दर्ज बच्चों के लिए कागजों में प्रतिदिन भोजन बन रहा है। जबकि जो बच्चे पढ़ने आते हैं, उन्हें प्राथमिक विद्यालय पूरे अंगद के शिक्षक अपने स्कूल में बैठाकर कुछ पढ़ाते भी हैं और अपने ही स्कूल में उन्हें भोजन भी कराते हैं। वहीं प्रधानाध्यापक कहते हैं कि उनकी तैनाती वर्ष 2009 में हुई थी। उस समय भवन में खिड़की दरवाजे नहीं थे। स्कूल में एकल शिक्षक होने के बाद भी उन्हें एनपीआरसी का प्रभार सौंप दिया गया। 1संसू, कर्नलगंज (गोंडा) : उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरेअंगद में शिक्षारत 65 बच्चों का भविष्य अधर में है। स्कूल भवन में एक भी खिड़की-दरवाजे नहीं हैं। कमरे का फर्श जगह-जगह टूट चुकी है। बरामदा फर्श विहीन है। बच्चों के बैठने के लिए डेस्क बेंच तो दूर टाटपट्टी तक नहीं है। साथ ही शिक्षक के बैठने के लिए कुर्सी मेज व अभिलेख रखने का कोई सुरक्षित स्थान भी नहीं है।1यहां प्रधानाध्यापक हरिनरायन राव की तैनाती है। उन्हें एनपीआरसी की भी जिम्मेदारी दी गई। गांव निवासी फूलचंद विश्वकर्मा, जगदीश प्रसाद, बराती लाल एवं बालकराम यादव कहते हैं कि प्रधानाध्यापक महीने में एक बार भी नहीं आते हैं। स्कूल में दर्ज बच्चों के लिए कागजों में प्रतिदिन भोजन बन रहा है। जबकि जो बच्चे पढ़ने आते हैं, उन्हें प्राथमिक विद्यालय पूरे अंगद के शिक्षक अपने स्कूल में बैठाकर कुछ पढ़ाते भी हैं और अपने ही स्कूल में उन्हें भोजन भी कराते हैं। वहीं प्रधानाध्यापक कहते हैं कि उनकी तैनाती वर्ष 2009 में हुई थी। उस समय भवन में खिड़की दरवाजे नहीं थे। स्कूल में एकल शिक्षक होने के बाद भी उन्हें एनपीआरसी का प्रभार सौंप दिया गया। 1गोंडा के कर्नलगंज स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरेअंगद ’ जागरणजिम्मेदार के बोल1खंड शिक्षा अधिकारी अनिल झा ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण वहां दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं है, जिससे समस्या उत्पन्न हुई है। शिक्षकों की तैनाती बीएसए द्वारा की जाती है। कुछ स्कूल तो शिक्षक विहीन हैं फिर भी उनका संचालन कराना मजबूरी है। ऐसे में हरिनरायन के पास प्रधानाध्यापक के साथ एनपीआरसी का भी चार्ज है। दोनों काम एक व्यक्ति सुचारु रूप से नहीं कर सकता।

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