गोण्डा : बीएसए को नापसंद कार्रवाई की बात, विद्यालय से अध्यापक भले ही नदारद रहते हों, लेकिन विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ता दिख रहा
संसू, तरबगंज (गोंडा) : विद्यालय से अध्यापक भले ही नदारद रहते हों, लेकिन विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ता दिख रहा है। हाल यह है कि खुद बीएसए कार्रवाई करना तो दूर, शिक्षकों की मनमानी के बारे में पूछे जाने पर फोन ही काट देते हैं। ऐसे में स्वमेव ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में परिषदीय शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा?1मामला शिक्षा क्षेत्र बेलसर स्थित प्राथमिक विद्यालय छोटकू पुरवा का है, जहां गत बुधवार को स्कूल में चार अध्यापकों के सापेक्ष एक ही शिक्षक शिक्षण करते दिखे थे। उपस्थिति रजिस्टर में अध्यापक सोनी जयंत ने स्कूल खुलने से लेकर अब तक कोई हस्ताक्षर नहीं बनाए थे, न कोई अवकाश स्वीकृत था। प्रधानाध्यापक भी लगातार कई दिनों से बिना किसी अवकाश के नदारद थे। पूछने पर उन्होंने गोंडा होने की बात कही थी। जबकि शिक्षामित्र दिलीप गु्प्ता भी 13 तारीख से बिना किसी अवकाश के गायब थे। बीईओ दिनेश मौर्य से कार्यवाही के बाबत जानकारी के लिए फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बीएसए से बात करने पर फोन ही काट दिया।संसू, तरबगंज (गोंडा) : विद्यालय से अध्यापक भले ही नदारद रहते हों, लेकिन विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ता दिख रहा है। हाल यह है कि खुद बीएसए कार्रवाई करना तो दूर, शिक्षकों की मनमानी के बारे में पूछे जाने पर फोन ही काट देते हैं। ऐसे में स्वमेव ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में परिषदीय शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा?1मामला शिक्षा क्षेत्र बेलसर स्थित प्राथमिक विद्यालय छोटकू पुरवा का है, जहां गत बुधवार को स्कूल में चार अध्यापकों के सापेक्ष एक ही शिक्षक शिक्षण करते दिखे थे। उपस्थिति रजिस्टर में अध्यापक सोनी जयंत ने स्कूल खुलने से लेकर अब तक कोई हस्ताक्षर नहीं बनाए थे, न कोई अवकाश स्वीकृत था। प्रधानाध्यापक भी लगातार कई दिनों से बिना किसी अवकाश के नदारद थे। पूछने पर उन्होंने गोंडा होने की बात कही थी। जबकि शिक्षामित्र दिलीप गु्प्ता भी 13 तारीख से बिना किसी अवकाश के गायब थे। बीईओ दिनेश मौर्य से कार्यवाही के बाबत जानकारी के लिए फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बीएसए से बात करने पर फोन ही काट दिया।