लखनऊ : मृत्यु प्रमाणपत्र में पत्नी का भी दर्ज होगा नाम
शोभित श्रीवास्तव, लखनऊ । मृत्यु प्रमाण पत्र में अब प}ी का भी नाम दर्ज होगा। इससे पति की मृत्यु के बाद उसकी विधवा प}ी को हक आसानी से मिल सकेगा। कानूनी हक पाने के लिए उन्हें मृतक की प}ी होने का प्रमाण पत्र नहीं देना पड़ेगा। इसी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिये उन्हें उनके सारे हक मिल जाएंगे। 1योगी सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। सरकार का मानना है कि महिलाओं की शिक्षा व सुरक्षा के साथ उन्हें सबल व अधिकार संपन्न बनाना भी बहुत जरूरी है। महिलाओं को कानूनी हक आसानी से मिले, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है। 1अभी मृत्यु प्रमाण पत्र में केवल मृतक के पिता का ही नाम दर्ज होता है। ऐसे में कई मामलों में यह देखा गया है कि पति की मृत्यु के बाद विधवाएं हक पाने के लिए सरकारी विभागों के चक्कर लगाती रहती हैं। बहुत सारी महिलाओं के पास विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं होता है। वहीं, कई महिलाओं के पास तो प}ी साबित करने के लिए कोई अन्य कानूनी दस्तावेज भी नहीं होते हैं। ऐसी महिलाएं दर-दर भटकती रहती हैं। इसी समस्या को देखते हुए महिला कल्याण विभाग मृत्यु प्रमाण पत्र में प}ी का नाम अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही आदेश जारी हो जाएंगे। इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र में अनिवार्य रूप से प}ी का भी नाम दर्ज किया जाएगा। 1संपत्ति पर दूसरे नहीं कर सकेंगे कब्जा : कई बार पति की मृत्यु के बाद उसकी विधवा प}ी के बजाय अन्य रिश्तेदार या दूसरे लोग संपत्ति पर पहले दावा कर देते हैं। जबकि विधवा, प}ी होने का सबूत ही एकत्र करती रह जाती हैं। मृत्यु प्रमाणपत्र में प}ी का नाम दर्ज होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।शोभित श्रीवास्तव, लखनऊ 1मृत्यु प्रमाण पत्र में अब प}ी का भी नाम दर्ज होगा। इससे पति की मृत्यु के बाद उसकी विधवा प}ी को हक आसानी से मिल सकेगा। कानूनी हक पाने के लिए उन्हें मृतक की प}ी होने का प्रमाण पत्र नहीं देना पड़ेगा। इसी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिये उन्हें उनके सारे हक मिल जाएंगे। 1योगी सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। सरकार का मानना है कि महिलाओं की शिक्षा व सुरक्षा के साथ उन्हें सबल व अधिकार संपन्न बनाना भी बहुत जरूरी है। महिलाओं को कानूनी हक आसानी से मिले, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है। 1अभी मृत्यु प्रमाण पत्र में केवल मृतक के पिता का ही नाम दर्ज होता है। ऐसे में कई मामलों में यह देखा गया है कि पति की मृत्यु के बाद विधवाएं हक पाने के लिए सरकारी विभागों के चक्कर लगाती रहती हैं। बहुत सारी महिलाओं के पास विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं होता है। वहीं, कई महिलाओं के पास तो प}ी साबित करने के लिए कोई अन्य कानूनी दस्तावेज भी नहीं होते हैं। ऐसी महिलाएं दर-दर भटकती रहती हैं। इसी समस्या को देखते हुए महिला कल्याण विभाग मृत्यु प्रमाण पत्र में प}ी का नाम अनिवार्य करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही आदेश जारी हो जाएंगे। इसके बाद मृत्यु प्रमाण पत्र में अनिवार्य रूप से प}ी का भी नाम दर्ज किया जाएगा। 1संपत्ति पर दूसरे नहीं कर सकेंगे कब्जा : कई बार पति की मृत्यु के बाद उसकी विधवा प}ी के बजाय अन्य रिश्तेदार या दूसरे लोग संपत्ति पर पहले दावा कर देते हैं। जबकि विधवा, प}ी होने का सबूत ही एकत्र करती रह जाती हैं। मृत्यु प्रमाणपत्र में प}ी का नाम दर्ज होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।