जैतपुरा में भी परिषदीय विद्यालय बना इस्लामिया स्कूल
खुखुंदू, देवरिया: जनपद में नवलपुर ही नहीं, भलुअनी विकास के प्राथमिक विद्यालय जैतपुरा समेत चार...
खुखुंदू, देवरिया: जनपद में नवलपुर ही नहीं, भलुअनी विकास के प्राथमिक विद्यालय जैतपुरा समेत चार विद्यालयों का नाम इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय रखा गया है। यहां इस्लामिक पद्धति से पढ़ाई होती है। रविवार की जगह शुक्रवार को अवकाश रहता है। रामपुर कारखाना के करमहां, ईश्वरी पोखर¨भडा, देसही देवरिया व शामी पट्टी गांव में भी प्राथमिक विद्यालयों का इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय अंकित किया गया है। इन विद्यालयों के जिम्मेदारों से भी स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी है।
इन विद्यालयों की दीवारों पर बकायदे इस्लामिया विद्यालय अंकित है। भलुअनी विकास खंड में प्राथमिक विद्यालय जैतपुरा का नाम प्राथमिक इस्लामिया विद्यालय जैतपुरा रखा गया है। गांववालों का कहना है कि यह परंपरा आजादी के समय से चली आ रही है और आज भी इसी नाम से स्कूल चलता है। इस विद्यालय पर अधिकतर प्रधानाध्यापक अल्पसंख्यक समुदाय के ही थे। पहले इस विद्यालय पर सभी कार्य व पठन-पाठन उर्दू व अरबी में होते थे। जब उर्दू पढ़ाने लिखाने में कठिनाई होने लगी तो ¨हदी में पढ़ाई शुरू की गई। आज भी इस विद्यालय पर उर्दू अध्यापक की तैनाती है। अल्पसंख्यकों का गांव होने के चलते अधिकतर बच्चे इसी वर्ग से हैं। यहां वर्षों से सरकारी छुट्टी के नियम का मखौल उड़ाया जा रहा है। इस विद्यालय मे उपस्थिति रजिस्टर मे छात्रों की संख्या 150 से अधिक है। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक संतोष यादव, सहायक अध्यापक लतीफ अहमद, नूर जन्नत, शिक्षामित्र फरहत सुल्ताना व रीना की तैनाती है। प्रधानाध्यापक संतोष यादव का कहना हैं कि शुक्रवार को यहां अवकाश होने व रविवार को स्कूल खुलने की सूचना अधिकारियों को पूर्व में दी गई थी, लेकिन कोई निर्देश नहीं मिला। मेरे आने के पहले यह विद्यालय पूरी तरह से इस्लामिया पद्धति से संचालित होता था। पहले विद्यालय में पढ़ाई से लेकर सभी कार्य उर्दू में होते थे। उर्दू न जानने के कारण ¨हदी व उर्दू दोनों में होने लगा है। विद्यालय प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है और रविवार को खुला रहता है। इसको उपस्थिति रजिस्टर मे दर्शाया जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी भलुअनी प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जैतपुरा में भी इस्लामिया विद्यालय जानकारी मिली है। सोमवार को प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि नियम विरुद्ध तरीके से जो भी विद्यालय संचालित होंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।