फतेहपुर : घर वापसी से शिक्षामित्रों के खिले चेहरे, शासन ने मनचाहे स्कूल में तैनाती के अवसर के विकल्प खोल दिए
फतेहपुर : शासन के एक निर्णय से जिले के 2394 शिक्षामित्रों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। शासन इन पर मेहरबान होते हुए दोबारा मनचाहे स्कूल में तैनाती के अवसर के विकल्प खोल दिए हैं। शासन का निर्णय संज्ञान में आते ही शिक्षामित्र संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव के मूल विद्यालयों से शिक्षामित्र की नौकरी करने वालों को शासन ने सहायक अध्यापक बनाकर दूसरे ब्लाकों के गांवों में भेज दिया था। दो चरणों में हुए समायोजन में जिले के 2981 शिक्षामित्रों में 2394 को सहायक अध्यापक बनाकर भेज दिया गया है। शासन के एक अन्य निर्णय में शिक्षामित्रों को शिक्षकों के सामान वेतन दिया जाने लगा तो फिर सुप्रीमकोर्ट के निर्णय के बाद इनकी नौकरी खत्म कर दी गई थी। ऐसी तमाम अड़चनों की बाधा पार करते हुए मौजूदा समय में दूसरे गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में 10 हजार रूपये की मानदेय की नौकरी कर रहे हैं। शासन ने इनको मूल विद्यालय में भेजे जाने का निर्णय लिया है। जानकारों की मानें तो इस निर्णय से तीन तरह का लाभ मिलेगा। जिसमें शिक्षामित्र को मूल विद्यालय, महिला शिक्षामित्रों को शादी के बाद ससुराल का विद्यालय, और समायोजन के बाद मिले नए विद्यालयों के विकल्प के आधार चुनने का मौका मिलेगा। शिक्षामित्र संगठनों के जिलाध्यक्ष विजय सिंह गौर और विक्रम सिंह भदौरिया ने कहाकि शासन से लड़ी जा रही लड़ाई का एक राहतकारी कदम है।