राजकीय विद्यालयों को बनाया गया पंजीकरण व अग्रसारण केंद्र
शासन ने वर्ष 2018-19 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए इस बार वित्तविहीन व मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को पंजीकरण व अग्रसारण केंद्र नहीं बनाया है। इस बार जिले के चार राजकीय इंटर कालेज समेत 13 राजकीय विद्यालयों को भी अग्रसारण केंद्र बनाया गया है।...
महराजगंज: शासन ने वर्ष 2018-19 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए इस बार वित्तविहीन व मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को पंजीकरण व अग्रसारण केंद्र नहीं बनाया है। इस बार जिले के चार राजकीय इंटर कालेज समेत 13 राजकीय विद्यालयों को भी अग्रसारण केंद्र बनाया गया है। प्रत्येक अग्रसारण केंद्रों के जिम्मेदारों को यह निर्देश दिया गया है कि अपने केंद्र पर व्यक्तिगत हाईस्कूल के 600 व इंटरमीडिएट के 400 से अधिक अग्रसारण किया जाए। यूपी बोर्ड की परीक्षा को विश्व की सबसे बड़ी परीक्षा में शुमार किया जाता है। अधिक परीक्षार्थी होने तथा कम अग्रसारण केंद्र होने की वजह से विद्याíथयों के पंजीकरण व उनके अग्रसारण शुल्क को जमा करने में देर होने की वजह से परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया में देर होती थी। शासन ने प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से इस बार जिले के 13 राजकीय विद्यालयों को अग्रसारण केंद्र बनाते हुए प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय बालिका इंटर कालेज धनेवा, फरेंदा व नौतनवा तथा राजकीय इंटर कालेज पनियरा तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलवा टीकर, गौहरपुर, बरवा राजा, झुलनीपुर, उंटी खास, अराजी जगपुर, बसंतपुर, परासखाड़ व सोहवल को अग्रसारण केंद्र बनाया है।
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अग्रसारण केंद्र बढ़ने से प्रक्रिया में आएगी तेजी: डीआइओएस
जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार ¨सह ने बताया कि अग्रसारण केंद्र बढ़ने की वजह से पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। सामान्य तौर पर 10 अगस्त तथा विलंब शुल्क के साथ 16 अगस्त तक कोषागार में अग्रसारण शुल्क जमा किया जा सकता है।