एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग
की समस्त सूचनाएं एक साथ

"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

जनपदवार खबरें पढ़ें

जनपदवार खबरें लखनऊ महराजगंज इलाहाबाद प्रयागराज गोरखपुर उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर फतेहपुर गोण्डा कुशीनगर बदायूं सीतापुर बलरामपुर संतकबीरनगर देवरिया बस्ती रायबरेली बाराबंकी फर्रुखाबाद वाराणसी हरदोई उन्नाव सुल्तानपुर पीलीभीत अमेठी अम्बेडकरनगर सोनभद्र बलिया हाथरस श्रावस्ती सहारनपुर बहराइच मुरादाबाद कानपुर जौनपुर अमरोहा लखीमपुर खीरी मथुरा फिरोजाबाद रामपुर गाजीपुर बिजनौर शाहजहांपुर बागपत बांदा प्रतापगढ़ मिर्जापुर जालौन चित्रकूट कासगंज ललितपुर मुजफ्फरनगर अयोध्या चंदौली गाजियाबाद हमीरपुर महोबा झांसी अलीगढ़ गौतमबुद्धनगर संभल हापुड़ पडरौना बुलंदशहर देवीपाटन फरीदाबाद

Search Your City

नई दिल्ली : विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शुरू होंगे जन स्वास्थ्य से जुड़े पाठ्यक्रम, इन विषयों के स्नातक ले सकेंगे प्रवेश

0 comments

नई दिल्ली : विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शुरू होंगे जन स्वास्थ्य से जुड़े पाठ्यक्रम, इन विषयों के स्नातक ले सकेंगे प्रवेश

नई दिल्ली : आयुष्मान भारत की सौगात देने के साथ ही सरकार अब जन स्वास्थ्य को लेकर भविष्य की नींव को भी मजबूती देने में जुट गई है। इसे लेकर सरकार ने एक बड़ी पहल की है। देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जन स्वास्थ्य से जुड़ा एक नया कोर्स शुरू करने को मंजूरी दी गई है। जो अगले साल से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं।


सरकार का मानना है कि इस खास पाठ्यक्रम के शुरू होने से देश में जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी खत्म हो जाएगी, जो सरकार की अब तक की तमाम कोशिशों के बाद भी बनी हुई है। वैसे भी मौजूदा समय में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब तक इस तरह का कोई पाठ्यक्रम मौजूद नहीं है, जिससे जन स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें जो बीमारियों की जानकारी रखने के साथ ही स्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में भी पारंगत हों। अभी इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग दूसरे क्षेत्रों से शिक्षित होकर काम कर रहे हैं।विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शुरू होने वाले जन स्वास्थ्य से जुड़े इस खास कोर्स को ‘मास्टर इन पब्लिक हेल्थ’ नाम दिया गया है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम होगा।


इनमें विज्ञान और कला दोनों ही क्षेत्र से कुछ खास विषयों से जुड़े स्नातक छात्र प्रवेश ले सकेंगे। इसमें छात्रों को कम से कम 400 घंटे का इंटर्नशिप और शोध कार्य करना अनिवार्य होगा। इसके जरिये छात्रों को रोगों से जुड़ी देश और दुनिया की जानकारी के साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रबंधन, नीति और सर्वे आदि की पढ़ाई कराई जाएगी। इसकी पूरी पढ़ाई नियमित (रेगुलर) होगी। स्वास्थ्य मंत्रलय ने मानव संसाधन विकास मंत्रलय से इस तरह के पाठ्यक्रम को शुरू करने की सिफारिश काफी पहले की थी।


इन विषयों के स्नातक ले सकेंगे प्रवेश
मेडिसीन, आयुष, वेटेनरी साइंस, एलाइड एवं हेल्थ साइंस, लाइफ साइंस, स्टेटिक्स, बायोस्टेटिक्स, डेमोग्राफी, पापुलेशन स्टडी, न्यूट्रीशन, सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी, एंथ्रोपोलोजी, सोशल वर्क। विश्वविद्यालयों को यह विवेकाधिकार भी दिया गया है कि वे जरूरत के मुताबिक इसमें कुछ और विषयों को भी शामिल कर सकें।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

महत्वपूर्ण सूचना...


बेसिक शिक्षा परिषद के शासनादेश, सूचनाएँ, आदेश निर्देश तथा सभी समाचार एक साथ एक जगह...
सादर नमस्कार साथियों, सभी पाठकगण ध्यान दें इस ब्लॉग साईट पर मौजूद समस्त सामग्री Google Search, सोशल नेटवर्किंग साइट्स (व्हा्ट्सऐप, टेलीग्राम एवं फेसबुक) से भी लिया गया है। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए आप स्वयं अपने मत का उपयोग करते हुए खबर की पुष्टि करें, उसकी पुरी जिम्मेदारी आपकी होगी। इस ब्लाग पर सम्बन्धित सामग्री की किसी भी ख़बर एवं जानकारी के तथ्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी एवं समस्या पाए जाने पर ब्लाग एडमिन /लेखक कहीं से भी दोषी अथवा जिम्मेदार नहीं होंगे, सादर धन्यवाद।