बर्खास्तगी के बाद फर्जी शिक्षकों पर होगा मुकदमा
जागरण संवाददाता, कासगंज : विवि से फर्जी अभिलेख बनवाकर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई की गाज गिरने वाली है। विभाग ने इनकी बर्खास्तगी की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं बर्खास्तगी के साथ में संबंधित शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा भी विभाग दर्ज कराएगा। इससे फर्जी शिक्षकों में अफरातफरी मची है।
विवि से फर्जी डिग्री बनवाकर नौकरी करने वाले शिक्षकों की जांच शासन ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम से कराई थी। उक्त जांच में जिले में भी 92 शिक्षक फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करते हुए मिले। इन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट एसआइटी ने पिछले सत्र में ही भेज दी, लेकिन मामला उलझा रहा। शासन ने उक्त शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश दे दिए हैं। विभाग ने बीते दिनों 92 शिक्षकों को अंतिम नोटिस भेज कर जवाब मांगा था। उक्त नोटिस के जवाब में कोई भी शिक्षक का उत्तर संतोषजनक नहीं है। ऐसे में विभाग द्वारा इन शिक्षकों की बर्खास्तगी की तैयारी शुरू कर दी है। बीएसए अंजलि अग्रवाल का कहना है शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ में इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
रिकवरी के संबंध में शासन के स्पष्ट आदेश नहीं : फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाले शिक्षकों से रिकवरी को लेकर अभी विभाग भी संशय की स्थिति में नहीं है। इस संबंध में सरकार के कोई स्पष्ट आदेश नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि बर्खास्तगी एवं मुकदमे के बाद शासन इस संबंध में भी फैसला ले सकता है। ऐसे में शिक्षकों द्वारा लिए गए वेतन की रिकवरी भी संभावित है।
कई चर्चित चेहरे भी हैं सूची में :एसआइटी की इस सूची में जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े कई चर्चित शिक्षकों के भी शामिल होने की चर्चाएं जोरों पर है। शिक्षकों की मानें तो बर्खास्तगी के आदेश से कई चेहरों पर से भी नकाब उतर जाएगा।