स्कूलों का हाल खस्ता,हो रही अनदेखी
जागरण संवाददाता, बिजौरा-इटवा, सिद्धार्थनगर : बारिश के चलते कई परिषदीय विद्यालय की स्थिति खस्ता हो गई है। कहीं छत से पानी इस प्रकार टपक रहा है, कि कमरे में बैठा नहीं जा रहा है, तो कहीं परिसर व विद्यालय गेट पर पानी भरा हुआ है। छोटे-छोटे मासूम बच्चों की राहत कठिन बनी हुई है। शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
प्राथमिक विद्यालय रोहाव बुजुर्ग के परिसर व गेट के बाहर जलभराव की स्थिति उत्पन्न बनी हुई है। कब किसी का पैर फिसल जाए और वह गिर जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। प्रधानाध्यापक कक्ष सहित सभी कमरों की छत से पानी टपकता है। स्कूल में पहुंचने के लिए पक्के मार्ग की व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से बच्चों की उपस्थिति पर असर पड़ता है। हैंडपंप के घास व कीचड़ से घिरा है। मंगलवार को पंजीकृत 165 बच्चों के सापेक्ष मात्र 75 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे। बरामदे में ही बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश यादव ने बताया कि विद्यालय की दशा बहुत ही खराब है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
प्राथमिक विद्यालय बौनाजोत यहां पूरा परिसर बारिश के पानी से भरा है। बच्चों का अंदर जाना व बाहर निकलना मुश्किल बना है। 101 बच्चों में 65 बच्चे ही विद्यालय आ सके। मात्र एक ही शिक्षक के भरोसे पांच कक्षाओं की जिम्मेदारी है। बारिश में बच्चों की जान जोखिम में बनी रही है। प्रधानाध्यापक हिमांशु यादव ने कहा, कि परिसर में पानी के कारण बड़ी समस्या होती है। ग्राम प्रधान व उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हिजरहवा की हालत भी खराब दिखी। जर्जर भवन व बाउंड्री समस्या बनी है।
बीइओ अनिम कुमार मिश्र ने कहा कि ऐसे विद्यालयों की सूची बनवाई जा रही है, समाधान की दिशा में जो उचित कदम होंगे, उठाए जाएंगे।