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प्रयागराज : टीईटी 2017 में फैसले से रिजल्ट रहेगा जस का तस

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प्रयागराज : टीईटी 2017 में फैसले से रिजल्ट रहेगा जस का तस

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2017 के परिणाम को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के फैसले के बाद हलचल तेज है। हर कोई फैसले की व्याख्या अपने तरह से कर रहा है, कुछ प्रतियोगी मिले अंकों में तीन अंक और जोड़ रहे हैं तो कुछ दोबारा रिजल्ट और सहायक अध्यापक भर्ती 2018 होने का कयास लगा रहे हैं। इसके उलट हकीकत यह है कि यूपी टीईटी 2017 के परिणाम में कुछ भी बदलने नहीं जा रहा है। संभव है कि परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय कोर्ट के सम्मान में जारी हो चुका परिणाम जस का तस फिर से घोषित कर दें, क्योंकि जो फैसला आया है उसी को आधार बनाकर 2017 का रिजल्ट घोषित हुआ था, इसलिए अब उलटफेर की गुंजायश नहीं है।

इतना ही नहीं यूपी टीईटी 2017 के रिजल्ट के बाद ही सहायक अध्यापक भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा भी कराई जा चुकी है और उसमें चयनित 45 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है। ऐसे में फिर से सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा कैसे संभव है, कोर्ट ने जो फैसला दिया है, वह राज्य सरकार व परीक्षा संस्था के हक में है। इसकी नौबत इसलिए आई, क्योंकि कुछ प्रतियोगियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा था कि उन्हें पक्षकार नहीं बनाया गया, उन्हें सुने बिना आदेश पारित किया गया है। शीर्ष कोर्ट ने यह प्रकरण हाईकोर्ट को भेजकर फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया था। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के फैसले में बड़ा बदलाव होने के आसार इसलिए भी नहीं थे, क्योंकि यूपी टीईटी 2017 में 16 प्रश्नों के जवाब को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कोर्ट के निर्देश पर ही विशेषज्ञ कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने ही 13 प्रश्नों के संबंध में याचियों की आपत्ति खारिज कर दी थी। बाकी प्रश्नों में अभ्यर्थियों को अंक देकर परिणाम जारी हुआ था। शीर्ष कोर्ट की ओर से भेजे गए प्रकरण पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने वैसा ही फैसला दिया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले से पूर्व में जारी हो चुका परिणाम बदल नहीं रहा है।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय तीन सवालों पर पहले दे चुका अंक

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