प्रयागराज : यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 10 जिलों में स्टेपल की बजाय ऐसी उत्तर पुस्तिकाओं का होगा इस्तेमाल
वरिष्ठ संवाददाता,प्रयागराज । यूपी बोर्ड 2020 की 10वीं-12वीं परीक्षा 10 जिलों में सिलाई वाली कॉपी से कराएगा। उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बोर्ड को स्टेपल की बजाय सिलाई वाली कॉपियों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है ताकि कॉपियों के पन्नों की हेराफेरी रोकी जा सके। किन जिलों में सिलाई वाली कॉपियों का इस्तेमाल होगा, यह अभी तय नहीं है। बोर्ड ने राजकीय मुद्रणालय को तैयारी रखने को कहा है। जिलों का नाम तय होने के साथ ही सिलाई वाली कॉपियों की बाइंडिंग शुरू हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार फिलहाल प्रायोगिक तौर पर सिलाई वाली कॉपियों का इस्तेमाल करने जा रहे हैं। प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में सभी 75 जिलों में सिलाई वाली कॉपियों से ही परीक्षा कराई जाएगी।
दरअसल स्टेपल कॉपियों में पन्ने बदलने की शिकायत मिलती रहती है। परीक्षा केंद्र पर मेधावी छात्र की कॉपी का प्रथम पृष्ठ दूसरे छात्र से बदल देते हैं। कई बार अंदर के पन्नों को बदलने की शिकायत मिलती है। पिछले वर्षों में इसे लेकर कई याचिकाएं हुई और जांच में हेराफेरी की पुष्टि होने पर स्कूलों को डिबार भी किया गया है।
उदाहरण के तौर पर प्रयागराज में ही संगम सिंह सिंगरौर इंटर कॉलेज बेगमपुर कादिलपुर में 2018 की परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका में हेराफेरी के कारण इस स्कूल को 2021 तक की बोर्ड परीक्षा से डिबार कर दिया गया था। प्रतापगढ़ के प्रताप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारनपुर संडवा चंडिका में 2017 की परीक्षा में हेराफेरी के कारण इसे 2020 तक की बोर्ड परीक्षा से डिबार कर दिया गया था।
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अलीगढ़, मैनपुरी, हाथरस, कासगंज, बदायूं, रायबरेली व बलिया आदि जिलों में भी इसी कारण कई स्कूलों को वर्तमान व पूर्व के वर्षों में डिबार किया गया है।
2010 से शुरू हुई कोडेड कॉपियों पर परीक्षा
बोर्ड ने 2010 से कोडेड कॉपियों पर परीक्षा कराना शुरू किया था। पहले नकल की दृष्टि से संवेदनशील 10 जिलों में कोडेड कॉपियों से परीक्षा कराई गई, बाद में 56 और फिर पिछले तीन साल से सभी 75 जिलों में कोडेड कॉपियों से पेपर हो रहा है।