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मैनपुरी : ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड फेल, चहारदीवारी छोड़िए, फर्नीचर भी नहीं मिला केंद्र बनाए कॉलेजों में

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मैनपुरी : ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड फेल, चहारदीवारी छोड़िए, फर्नीचर भी नहीं मिला केंद्र बनाए कॉलेजों में

जासं, मैनपुरी: माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) केंद्र निर्धारण में फेल हो गया है। अब जिलास्तर पर चल रही जांच में इसका खेल सामने आ रहा है। यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की प्रस्तावित सूची जारी की है। इसमें वो कॉलेज भी शामिल हैं जिनमें मात्र चार कमरे हैं, सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, सुगम संपर्क मार्ग भी नहीं है। दावा है कि यूपी बोर्ड के सॉफ्टवेयर ने सुविधा संपन्न कॉलेजों को चुना गया, मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अब प्रशासन की जांच में ऐसे केंद्रों की पोल सामने आ रही है।

जिले में ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की प्रस्तावित सूची पर तमाम आपत्तियां आई हैं। सवाल उठता है कि बोर्ड का सॉफ्टवेयर खामी पकड़ने में चूका? या अफसरों ने संचालकों द्वारा दी गई सूचना को बिना निरीक्षण के बोर्ड को भेजा? अगर निरीक्षण किया तो मानक के विपरीत कॉलेज कैसे सूची में आ गए? करहल और बरनाहल के अलावा दूसरे ब्लॉकों में कई ऐसे एडेड कॉलेज है, जहां चंद शिक्षक ही तैनात हैं। कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं।

वहीं, बोर्ड से ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बने कई कॉलेजों में चहारदीवारी भी पूरी नहीं है। प्रशासन के स्तर पर राजकीय कॉलेज के प्रधानाचार्यों के साथ हो रही केंद्रों की जांच में हकीकत सामने आ रही है। ऐसे कई कॉलेज अधिकारियों की पकड़ में आए हैं, जहां फर्नीचर का अभाव तो मिला ही, साथ ही कक्षों में गंदगी के ढेर मिले। इसके अलावा नेट कनेक्शन का तो नाम ही नहीं है। कई केंद्रों में तो कक्ष ही अधबने हैं।

डीआइओएस सर्वेश कुमार ने बताया कि एसडीएम, शिक्षा विभाग की टीमें कॉलेजों का निरीक्षण कर रही हैं। मानक के विपरीत कॉलेजों को केंद्र की सूची से बाहर भी किया जाएगा। गलत सूचना देने वाला कोई कॉलेज सामने आया तो डिबार करने की संस्तुति भी की जाएगी। निरीक्षण के बाद ही जनपदीय परीक्षा समिति के समक्ष केंद्रों की सूची पेश होगी। बताया कि यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने भी निर्देशित किया है कि जिन कॉलेजों पर आपत्तियां आ रही हैं, वहां जांच कराकर गलती सुधारी जाए। उन्होंने बताया कि इसको लेकर शनिवार, 23 नवंबर को बैठक भी होगी।

चहारदीवारी छोड़िए, फर्नीचर भी नहीं मिला केंद्र बनाए कॉलेजों में

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