लखनऊ : प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक, मानक पूरे न होने पर मदरसा वेब पोर्टल का नहीं हो सका पंजीकरण।
शिकंजा : मानके पूरे न होने पर मदरसा वेब पोर्टल का नहीं हो सका पंजीकरण।
पहले 19123 को मिल रहा था लाभ, अब 116277 को मिल सकेगा
प्रदेश में 2846 मदरसे फर्जी निकले हैं। इसका पर्दाफाश तब हुआ, जब इनका मानक पूरे नहीं होने पर मदरसा वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। जिसके बाद मदरसों की मान्यता देने पर ही रोक लगी है। पहले 19123 मदरसे पंजीकृत थे, लेकिन मदरसा वेब पोर्टल पर 16277 मदरसे ही पंजीकृत हो पाए हैं। रामपुर में भी 321 मदरसे संचालित हैं, जबकि 100 से ज्यादा मदरसे ऐसे हैं, जिनका पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। रामपुर में मदरसों में 40 हजार छात्र पढ़ते हैं, जबकि प्रदेशभर में 20 लाख छात्र पढ़ते हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद का कहना है कि मान्यता के लिए मदरसा शिक्षा परिषद ने मानक तय कर रखे हैं। प्राइमरी स्तर के मदरसे के लिए तीन कमरे, जूनियर हाई स्कूल सत्र के लिए छह कमरे और हाईस्कूल स्तर के मदरसे के लिए 10 कमरे होना अनिवार्य हैं। इसके साथ ही प्राइमरी स्तर के मदरसे में कम से कम 60 छात्र होने चाहिए। नए मदरसों की मान्यता पर जुलाई 2016 से रोक है, इसलिए मान्यता नहीं दी जा रही है। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने 2017 में मदरसा वेब पोर्टल लांच किया। परिषद ने यह अनिवार्य कर दिया कि सभी मदरसों को मदरसा वेब पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना है।
BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा, सरकारी स्कूलों
में 52 फीसदी की नहीं बनी अपार आईडी
-
*BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा*, *सरकारी
स्कूलों मे...