विशेष संवाददाता-राज्य मुख्यालय कक्षा 5 व 8 के बच्चों को मिड डे मील का खाद्यान्न व परिवर्तन लागत उनके पुराने प्रवेश के आधार पर ही दिया जाएगा। मिड डे मील के तहत लॉकडाउन अवधि में 76 दिन का खाद्यान्न व परिवर्तन लागत अभिभावकों को दी जानी है। वहीं शत प्रतिशत नामांकित विद्यार्थियों को एमडीएम दिया जाएगा जबकि स्कूल में एमडीएम खाने वाले बच्चों की संख्या कम होती है। लेकिन बीएसए ने शासन से इस संबंध में दिशा-निर्देश मांगे थे कि कक्षा 5 के बाद विद्यार्थी प्राइमरी से जूनियर में और कक्षा 8 के विद्यार्थी जूनियर से माध्यमिक में पहुंच जाते हैं। चूंकि स्कूल बदल जाता है इसलिए उन्हें परिवर्तन लागत व खाद्यान्न कहां से दी जाए? इस संबंध में जिलों को निर्देश भेज दिए गए हैं कि 23 मार्च को विद्यार्थी जिस स्कूल में पढ़ रहा था। उसे वहीं से परिवर्तन लागत व खाद्यान्न दिया जाए। ये व्यवस्था 30 जून तक के लिए की गई है। एमडीएम को लेकर हमेशा से विवाद होता आया है कि स्कूल में पंजीकृत बच्चों व एमडीएम खाने वाले बच्चों की संख्या में अंतर होता है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में लगभग 1.80 करोड़ बच्चे पंजीकृत हैं जबकि एमडीएम में पिछले वर्ष 1.10 करोड़ बच्चों के लिए बजट दिया गया था। लेकिन शासन ने निर्देश दिए हैं कि चूंकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी को अनाज दिया जाए। इसके लिए यदि अतिरिक्त धनराशि की जरूरत हो तो उसकी मांग भेजी जाए।
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को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा, सरकारी स्कूलों
में 52 फीसदी की नहीं बनी अपार आईडी
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