प्रयागराज।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के घोषित परिणाम में अंक के वितरण में असमानता अपनाने पर राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से जानकारी मांगी है। मामले की सुनवाई नौ जून को होगी। शम्सा बानो और कई अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया सुनवाई कर रहे हैं।याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि छह जनवरी 2019 को 69 हजार सहायक अध्यापक की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसकी पहली उत्तर कुंजी आठ जनवरी को जारी की गई। इसके मुताबिक याचीगण को क्वालीफाइंग 90 अंक नहीं मिल रहे थे। मगर जब आठ मई 2020 को अंतिम उत्तर कुंजी जारी की गई तो पता चला कि पाठ्यक्रम के बाहर से पूछे गए तीन प्रश्नों, एक सीरीज के प्रश्न संख्या तीन, चार और छह के लिए सभी को बराबर अंक दिए गए हैं। भले ही उसने कोई भी विकल्प उत्तर चुना हो। जबकि याचीगण को इन तीन प्रश्नों के समान अंक नहीं दिए गए। जिसकी वजह से वे क्वालीफाई नहीं कर सके। यदि उनको इन तीन प्रश्नों के अंक अन्य अभ्यर्थियों की तरह दे दिए जाएं तो वह भी क्ववालीफाई कर जाएंगे। कोर्ट ने इस मुद्दे को विचारणीय मानते हुए जानकारी तलब की है। याचिका की सुनवाई नौ जनवरी को होगी।
BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा, सरकारी स्कूलों
में 52 फीसदी की नहीं बनी अपार आईडी
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