गोरखपुर। अनामिका शुक्ला प्रकरण के सामने आने के बाद से सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की स्क्रीनिंग का काम शुरू करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए जिला स्तर पर एडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन हो गया है। समिति में जिला विद्यालय निरीक्षक, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रतिष्ठित सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे। उपशिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के तकरीबन 2840 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच होगी। समिति जांच के दौरान फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराएगी। वहीं संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय को शिक्षकों के दस्तावेजों केे भेजकर सत्यापन कराएगी। साथ ही उनके शैक्षिक अभिलेखों, प्रमाणपत्रों को अपने कार्यालय में जमा कर जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखेगी।
BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा, सरकारी स्कूलों
में 52 फीसदी की नहीं बनी अपार आईडी
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*BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा*, *सरकारी
स्कूलों मे...