प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) 17 अगस्त से ऑनलाइन कक्षाओं के साथ नए सत्र की शुरुआत होने जा रही है। लेकिन, इससे अतिथि प्रवक्ताओं को अलग कर दिया गया है। इविवि प्रशासन ने नई व्यवस्था से संबंधित जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसमें अतिथि प्रवक्ताओं को शामिल नहीं किया गया है। साथ ही अतिथि प्रवक्ताओं मार्च और अप्रैल महीने का भुगतान भी नहीं मिला है। उन्होंने इविवि के कुलपति को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और राहत की मांग की है। इविवि में लॉक डाउन के दौरान मार्च के अंत से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया था। अतिथि प्रवक्ताओं से कहा गया था कि पांच मई तक कोर्स पूरा करा दें। कोर्स समय से पूरा हो गया लेकिन अब मानदेय का भुगतान फंस गया है। अतिथि प्रवक्ताओं ने जब कारण जानना चाहा तो बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के लिए होने वाले भुगतान से संबंधित निर्णय अभी नहीं लिया गया है। इसके अलावा अतिथि प्रवक्ताओं का 30 अप्रैल तक ही कार्यकाल था।उन्होंने एमएचआरडी और यूजीसी को पत्र भेजकर मांग की थी कि नए सत्र के लिए कार्यावधि बढ़ा दी जाए, लेकिन इस बारे में भी एमएचआरडी और यूजीसी से कोई जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर इविवि प्रशासन ने 17 अगस्त से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस बारे में इविवि की ओर से जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, उसके अनुसार कक्षाओं में संचालन में नियमित शिक्षकों के साथ जेआरएफ, एसआरएफ, पोस्ट डॉक्टोरल्स और रिसर्च स्कॉलर्स की भागीदारी होगी। साथ ही सेवानिवृत शिक्षकों से भी मदद ली जाएगी। इस नोटिफिकेशन में अतिथि प्रवक्ताओं के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है, जबकि अतिथि प्रवक्ता मांग कर रहे हैं कि पूर्व की भांति ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन में उन्हें भागीदारी का मौका दिया जाए।
BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
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में 52 फीसदी की नहीं बनी अपार आईडी
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