प्रयागराज। शासन के आदेश के बाद छठी से आठवीं तक के स्कूल बुधवार से खुल रहे हैं। बच्चों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर आना होगा। स्कूलों के प्रबंधन जहां लगभग साल भर बाद बच्चों के आने से खुश हैं तो उनके बीच इस बात को लेकर डर कायम है कि कहीं एक बच्चा भी संक्रमित हुआ तो क्या होगा। अभिभावक भी स्कूल की ओर से भेजे गए सहमति पत्र में लिखी बातों से सहमत नहीं हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब सारी जिम्मेदारी हमारी ही है तो स्कूल एवं प्रशासन क्या करेगा। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर असमंजस में हैं।जिले में बेसिक शिक्षा के स्कूल तो खोले जा रहे हैं, परंतु सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड के निजी स्कूल अभी तक बच्चों के बारे में अभिभावकों के साथ बैठक करने के बाद ही कोई निर्णय लेने की बात कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि ऑनलाइन क्लास चलाकर कोर्स पूरा कर लिया गया है। अब बच्चों को स्कूल बुलाकर 10 दिन की रिवीजन क्लास चलाकर उनकी परीक्षा की तैयारी कराई जानी है। बीबीएस इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या रजनी शर्मा का कहना है कि यदि अभिभावक तैयार हुए तो छोटे बच्चों के लिए कक्षा का संचालन होगा। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो का कहना है कि अभिभावकों की सहमति के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।
BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा, सरकारी स्कूलों
में 52 फीसदी की नहीं बनी अपार आईडी
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*BASIC SHIKSHA, APAAR, UDISE : निजी व सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने
को लगा रहे कैंप, पांच फरवरी को प्रदेश स्तर पर होगी समीक्षा*, *सरकारी
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