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गोरखपुर : उच्च न्यायालय के आदेश से ग्रामीण शिक्षकों को महानगर के स्कूलों में समायोजित होने का रास्ता साफ

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गोरखपुर : उच्च न्यायालय के आदेश से ग्रामीण शिक्षकों को महानगर के स्कूलों में समायोजित होने का रास्ता साफ

गोरखपुर। उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर नगर निगम सीमा विस्तार में शहरी क्षेत्र में आए शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय के निर्णय के बाद से अब शहरी क्षेत्र में आए शिक्षकों को महानगर के स्कूलों में समायोजित होने का रास्ता साफ हो गया है।

जिले के 32 ग्राम सभा के 33 परिषदीय विद्यालय अब नगर निगम की सीमा में शामिल कर लिए गए हैं। इन विद्यालयों में करीब 200 शिक्षक कार्यरत हैं। सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को अभी भी ग्रामीण क्षेत्र में मानने से इनकार कर दिया। शिक्षकों की मांग थी कि अब शहरी क्षेत्र में हैं, उनका समायोजन भी शहरी क्षेत्र में होना चाहिए। इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से आख्या मांगी, लेकिन निर्णय नहीं हो पाया था।

इस निराशा के चलते शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल से मुलाकात की, जिसके बाद कुछ नहीं हुआ तो शिक्षकों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के बाद स्पष्ट रूप से कहा कि इन शिक्षकों का समायोजन शहरी क्षेत्र में होना चाहिए। न्यायालय ने शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर अपने समायोजन के विकल्प प्रस्तुत करने की अनुमति दी है। यदि वे समय पर विकल्प प्रस्तुत करते हैं, तो संबंधित प्राधिकारी निर्णय लेंगे।

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