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नई दिल्ली : नौकरियों के लिए मानक डिग्री के बराबर होंगी एडीपी-ईडीपी, मेधावी छात्र चार वर्षीय स्नातक डिग्री अधिकतम दो सेमेस्टर पहले कर सकेंगे हासिल

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नई दिल्ली : नौकरियों के लिए मानक डिग्री के बराबर होंगी एडीपी-ईडीपीमेधावी छात्र चार वर्षीय स्नातक डिग्री अधिकतम दो सेमेस्टर पहले कर सकेंगे हासिल

छात्र स्नातक की अवधि घटा-बढ़ा सकेंगे, यूजीसी का बड़ा ऐलान 


नई दिल्ली । उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए यूजीसी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। जल्द ही छात्रों को डिग्री प्रोग्राम की मानक अवधि की बजाय पढ़ाई की अवधि कम करने या बढ़ाने का विकल्प मिलेगा।


यूजीसी ने इसी हफ्ते एक बैठक में त्वरित डिग्री प्रोग्राम (एडीपी) और विस्तारित डिग्री कार्यक्रम (ईडीपी) की पेशकश के लिए एसओपी को मंजूरी दी। मसौदा मानदंडों को अब हितधारकों की प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक पटल पर रखा जाएगा।



सिर्फ कार्यक्रम की अवधि में हो सकेगा परिवर्तन जगदीश कुमार ने कहा कि परिवर्तन कार्यक्रम की अवधि में होगा। छात्रों के पास पहले सेमेस्टर या दूसरे सेमेस्टर के अंत में एडीपी चुनने का विकल्प होगा, आगे नहीं। एडीपी वाले छात्र सेमेस्टर शुरू होने पर अतिरिक्त क्रेडिट लेंगे। पहले सेमेस्टर के बाद शामिल होते हैं, तो दूसरे सेमेस्टर से अतिरिक्त क्रेडिट लेंगे। तीन-वर्षीय या चार-वर्षीय स्नातक में अवधि अधिकतम दो सेमेस्टर तक बढ़ेगी। इसके अनुसार, छात्र हर सेमेस्टर में कम क्रेडिट अर्जित कर सकते हैं।


यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बताया कि डिग्रियों में एक स्व-निहित नोट का उल्लेख होगा कि एक मानक अवधि में जरूरी एकेडमिक जरूरतों को छोटी या विस्तारित अवधि में पूरा किया गया है। साथ ही इसे शैक्षणिक, भर्ती उद्देश्यों के लिए मानक अवधि की डिग्री के बराबर माना जाएगा।


उन्होंने कहा, एडीपी के तहत छात्रों को प्रति सेमेस्टर अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित करके तीन साल या चार साल का पाठ्यक्रम कम समय में पूरा करने का विकल्प मिलेगा, जबकि ईडीपी में प्रति सेमेस्टर कम क्रेडिट अर्जित करके पाठ्यक्रम की अवधि बढ़ाने का विकल्प मिलेगा।


नौकरियों के लिए मानक डिग्री के बराबर होंगी एडीपी-ईडीपी

नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम के अनुसार त्वरित डिग्री कार्यक्रम (एडीपी) व विस्तारित डिग्री कार्यक्रम (ईडीपी) के तहत मिलने वाली डिग्री नौकरियों के लिए मानक डिग्री के बराबर होगी। सरकारी विभागों, निजी संस्थानों के अलावा यूपीएससी, एसएससी भी एडीपी और ईडीपी को सामान्य डिग्री की तरह मान्य मानेंगे, ताकि किसी भी छात्र को आवेदन के समय पात्रता मापदंड में दिक्कत न हो।

यूजीसी अध्यक्ष के मुताबिक, एडीपी मेधावी छात्रों को प्रति सेमेस्टर अतिरिक्त क्रेडिट प्राप्त कर 3-4 साल की डिग्री कम समय में पूरी करने का मौका देता है। एडीपी का विकल्प चुनने वाले छात्र पहले सेमेस्टर या फिर दूसरे सेमेस्टर की समाप्ति पर डिग्री पूरी करने की अवधि में बदलाव का चयन कर सकते हैं। इसके बाद अनुमति नहीं मिलेगी। जो एडीपी चुनेंगे, उनको एडिशन क्रेडिट मिलेंगे। 


डिग्री इस तरह मिलेगी : मेधावी छात्रों को डिग्री के लिए दीक्षांत समारोह में डिग्री अवार्ड का इंतजार नहीं करना होगा। उनको पहले डिग्री दे दी जाएगी।


■ जल्दी या धीमी गति से कोर्स पूरा करने वाले छात्रों की डिग्री पर एक स्पेशल नोट लिखा होगा। इसमें इस बात का जिक्र होगा कि छात्र ने डिग्री कितने समय में पूरी की है। जैसे चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में लिखा होगा कि छात्र ने छह या सात सेमेस्टर में कोर्स पूरा किया है, वैसे यह आठ सेमेस्टर में पूरी होती है। ऐसे ही तीन साल वाले में पांच सेमेस्टर में पूरा किया है। जबकि कुल छह सेमेस्टर होते हैं।

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